
जमशेदपुर : आज संध्या 6 बजे साकची भगवा गोलचक्कर (बड़ा गोलचक्कर) पर विश्व हिंदू परिषद – धर्मप्रसार विभाग के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 2008 में ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए उस दर्दनाक प्रसंग की स्मृति में आयोजित हुआ, जब वेदांत केसरी श्रद्धेय संत स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती जी की नृशंस हत्या कर दी गई थी।

स्वामी लक्ष्मणानन्द का योगदान
स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती ने कंधमाल क्षेत्र में वर्षों तक वनवासियों के बीच रहकर उनके धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए कार्य किया। उनके कार्यों से चिंतित ईसाई मिशनरियों ने 23 अगस्त 2008 को उनकी हत्या करवा दी थी।
श्रद्धांजलि व संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संत लक्ष्मणानन्द को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
प्रमुख उपस्थितियां
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला प्रमुख विवेक सिंह ने किया। इस अवसर पर
- विहिप के प्रांत सदस्य साई पद्ममजा,
- संत संपर्क प्रमुख अवतार सिंह गांधी,
- विभाग अधिकारी चंदना बनर्जी एवं अनिरुद्ध गिरी,
- जिला पदाधिकारी रंजन कुमार, श्याम सुंदर मिश्रा, दिलीप कुमार,
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक सुशील जी और नारायण जी,
- तथा संजय पांडे, आदित्य और उपासना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।











































