जमशेदपुर, 24 जुलाई 2025: 134वां इंडियनऑयल डुरंड कप का शुभारंभ जमशेदपुर में बड़े ही शानदार ढंग से हुआ। इस ऐतिहासिक फुटबॉल टूर्नामेंट के जमशेदपुर चरण का पहला मैच JRD टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में खेला गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे –
- श्री सुदिव्य कुमार, झारखंड सरकार के नगर विकास, आवास, उच्च व तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति और खेल मंत्री
- लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी, पूर्वी कमान के जीओसी-इन-चीफ और डुरंड कप आयोजन समिति के संरक्षक
- मेजर जनरल ध्रुव प्रकाश शाह, नेपाली सेना के मिलिट्री ट्रेनिंग के डायरेक्टर जनरल
“द फर्नेस” (जो कि जमशेदपुर एफसी का घरेलू मैदान है) पूरी तरह से फुटबॉल प्रेमियों से भरा था, और बारिश के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

अन्य प्रमुख अतिथि:
- श्री सरयू राय (विधायक, जमशेदपुर पश्चिम)
- श्रीमती पूर्णिमा दास साहू (विधायक, जमशेदपुर पूर्व)
- श्री मंगल कालिंदी (विधायक, जुगसलाई)
- श्री डी.बी. सुंदरा रमण (वाइस प्रेसिडेंट, टाटा स्टील)
- श्री संजीव कुमार चौधरी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और राज्य प्रमुख, IOCL – बिहार एवं झारखंड)
- श्री मनोज कुमार यादव (झारखंड के जाने-माने खेल प्रशासक और खिलाड़ी)
शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम:
शुभारंभ समारोह की शुरुआत हुई गुलाब सिंह मुंडा और ईचागढ़ की टीम द्वारा प्रस्तुत पैका नृत्य से। इसके बाद 8वीं गोरखा रेजीमेंट की 6वीं बटालियन ने खुखरी नृत्य प्रस्तुत किया। फिर हुआ झारखंड का पारंपरिक झूमर नृत्य और अंत में मद्रास रेजीमेंट की 21वीं बटालियन ने कलारीपयट्टू, जो एक पारंपरिक युद्धकला है, का प्रदर्शन किया।
भारत-नेपाल सेना की दोस्ती को सम्मान:
मैच शुरू होने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी और मेजर जनरल ध्रुव शाह ने आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने त्रिभुवन आर्मी एफसी (नेपाल सेना) के खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनके साथ फोटो खिंचवाई और उन्हें टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं दीं।
दर्शकों के लिए खास पल:
मैच शुरू होने से पहले कुछ फुटबॉल स्मृति चिह्न दर्शकों की ओर भी भेजे गए, जिससे युवाओं में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़े। भीड़ पूरे समय दोनों टीमों का जोरदार समर्थन करती रही।
ग्रुप C की टीमें:
- त्रिभुवन आर्मी एफसी (नेपाल)
- इंडियन आर्मी फुटबॉल टीम
- 1 लद्दाख एफसी (पहली बार टूर्नामेंट में भाग ले रही है)
जमशेदपुर में इस टूर्नामेंट के कुल 7 मुकाबले होंगे, जिसमें एक क्वार्टरफाइनल भी शामिल है।

डुरंड कप के बारे में
- डुरंड कप एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है।
- इसे भारतीय सेना तीनों सेनाओं की ओर से आयोजित करती है।
- पहला टूर्नामेंट 1888 में शिमला में हुआ था।
- 1940 से यह नई दिल्ली में आयोजित होता रहा और 2019 में इसे पूर्वी कमान के अंतर्गत लाकर कोलकाता को इसका मुख्य केंद्र बना दिया गया।
- अब यह सिर्फ एक शहर में नहीं, बल्कि पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, मेघालय, मणिपुर) में खेला जा रहा है।
विजेता को मिलती हैं तीन ट्रॉफियां:
1. डुरंड कप ट्रॉफी (रोलिंग ट्रॉफी)
2. शिमला ट्रॉफी (रोलिंग ट्रॉफी)
3. प्रेसिडेंट्स कप (हर साल नई बनती है और विजेता के पास रहती है)
डुरंड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारत के फुटबॉल इतिहास की गौरवशाली पहचान है। जमशेदपुर जैसे फुटबॉलप्रेमी शहर में इसका आयोजन, युवाओं को खेल से जोड़ने और प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक बड़ी पहल है।














