
पश्चिमी सिंहभूम: जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में मंगलवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-DM मनीष कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। करीब 120 नागरिकों ने अपनी शिकायतें एवं आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए और समाधान की अपेक्षा जताई।

जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना तथा उनका त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिला।
शौचालय निर्माण से लेकर सड़क और पेयजल तक उठे कई महत्वपूर्ण मुद्दे
जनता दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक जनहित के मामले सामने आए। लोगों ने विद्यालयों में शौचालय निर्माण, मुंडा नियुक्ति, बिजली कनेक्शन, जलजमाव की समस्या, राशन कार्ड, अभिलेख सुधार, सड़क निर्माण, मानदेय भुगतान, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर आवेदन प्रस्तुत किए।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। कई आवेदनों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता भी बताई गई।
DM ने सभी आवेदनों की गंभीरता से की समीक्षा
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रत्येक आवेदन और शिकायत की गंभीरता से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग को निर्देश दिया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
DM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। वहीं जिन मामलों में उच्च स्तर की स्वीकृति आवश्यक है, उन्हें संबंधित विभागों के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं बल्कि लोगों को वास्तविक राहत पहुंचाना है। इसलिए सभी विभाग संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
जनता और प्रशासन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बना जनता दरबार
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच है। इस व्यवस्था के माध्यम से लोग बिना किसी मध्यस्थ के अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है। जनता दरबार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
समयबद्ध समाधान के लिए विभागों को दी गई जिम्मेदारी
जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लंबित मामलों की समीक्षा समय-समय पर की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
इस जनता दरबार में जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। कई लोगों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दे भी प्रशासन के समक्ष रखे।
ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली और सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर दिया गया जोर
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा है तो उसे शीघ्र दूर किया जाए, ताकि नागरिकों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना सभी विभागों की जिम्मेदारी है।
नागरिकों को राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं बल्कि उनका प्रभावी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान होने से प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है और विकास योजनाओं का लाभ भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है।
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया। करीब 120 लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रखीं, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में शौचालय निर्माण, सड़क, बिजली, पेयजल, राशन कार्ड, आवास और मानदेय भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और संवेदनशील है। ऐसे जनता दरबार भविष्य में भी आम नागरिकों को त्वरित न्याय और राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।








































