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टाटा पावर जोजोबेरा में नव-निर्मित क्रेच: मातृत्व के बाद कार्यस्थल पर लौटने वाली महिलाओं के लिए एक सहायक पहल

On: June 12, 2025 8:13 PM
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रांची/जमशेदपुर : टाटा पावर के झारखंड स्थित जोजोबेरा ताप विद्युत संयंत्र ने कार्यस्थल को अधिक समावेशी और सहयोगी बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाया है। हाल ही में मातृत्व का अनुभव करने वाली महिलाओं को उनकी पेशेवर जिम्मेदारियों में सहजता से लौटने में मदद करने के उद्देश्य से संयंत्र परिसर में एक सुसज्जित और सुरक्षित क्रेच (शिशु देखभाल केंद्र) की शुरुआत की गई है।

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यह पहल टाटा पावर की इस सोच को दर्शाती है कि मातृत्व या पितृत्व कार्यस्थल पर प्रगति की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। 6 महीने से 6 वर्ष तक की उम्र के बच्चों के लिए खुले इस क्रेच का उद्देश्य महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ काम पर लौटने के लिए सशक्त बनाना है, साथ ही एक ऐसा वातावरण बनाना है जहां सभी कर्मचारी खुद को समर्थ और मूल्यवान महसूस करें।

क्रेच की प्रमुख विशेषताएँ:

  • गद्देदार फर्श, आयु-उपयुक्त खिलौने, आरामदायक खाटें और एक विशेष खेल क्षेत्र।
  • दो प्रशिक्षित देखभालकर्ता बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और दैनिक गतिविधियों का संचालन करते हैं।
  • माताओं के लिए एक समर्पित वर्कस्टेशन ताकि वे बच्चों के पास रहकर कार्य कर सकें।
  • संयंत्र परिसर के भीतर ही परिवहन सुविधा उपलब्ध है ताकि बच्चों को आसानी से लाया और ले जाया जा सके।
  • क्रेच सोमवार से शनिवार तक, सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होता है।

सुरक्षा और संरचना:

क्रेच संयंत्र के मुख्य परिचालन क्षेत्र से बाहर, मुख्य द्वार के पास स्थित है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यह स्थान प्राथमिकता के साथ खाली कराया जा सकता है। यह स्थान 24×7 CCTV निगरानी में है और सुरक्षा पर्यवेक्षक के कार्यालय के पास स्थित होने से अतिरिक्त सतर्कता सुनिश्चित होती है। संयंत्र की प्रशिक्षित सुरक्षा टीम संभावित आपात स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

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एक सोच-विचार कर की गई पहल:

जहाँ पहले संयंत्र में एक बुनियादी क्रेच की व्यवस्था थी, वहीं मातृत्व अवकाश पर जाने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए 2024 में एक अधिक सक्षम और आधुनिक क्रेच की आवश्यकता महसूस की गई। संयंत्र प्रबंधन ने समय पर पहल करते हुए इस सुविधा को विस्तार दिया, जिससे नई माताएं कार्य पर लौटने से पहले इसका लाभ ले सकें।

समावेशी विकास की दिशा में प्रतिबद्धता:

यह क्रेच केवल महिलाओं तक ही सीमित नहीं है। यह सभी कर्मचारियों के लिए खुला है, जिसमें वे पुरुष कर्मचारी भी शामिल हैं जो बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह पहल टाटा पावर की समावेशी कार्यस्थल, लैंगिक समानता और कर्मचारी कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

टाटा पावर जोजोबेरा की यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि कार्यस्थल की संस्कृति में बदलाव की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। यह कंपनी की उस दूरदर्शिता को दर्शाता है, जो आने वाले समय के लिए एक अधिक सहानुभूतिपूर्ण, सहयोगी और सशक्त कार्यबल तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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