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16 Year नाबालिग लापता मामला सुलझा: चक्रधरपुर पुलिस की तत्परता से युवती बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

On: April 13, 2026 8:02 AM
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चक्रधरपुर क्राइम: 16 Year नाबालिग आशाई सामाड को चक्रधरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सीतापुर से सकुशल बरामद कर लिया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना मानवता को झकझोर कर रख देती है, लेकिन पुलिस की तत्परता से एक परिवार में फिर से सुकून लौटा है। आज हम इस 16 Year नाबालिग लापता मामला की पूरी कहानी, जांच प्रक्रिया, और पुलिस की कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानेंगे। यदि आप भी चक्रधरपुर के इस अपहरण मामले के बारे में सच्चाई जानना चाहते हैं, या किसी युवती की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। चलिए, शुरू करते हैं इस डरावनी सच्चाई का पर्दाफाश।

घटना का विवरण लापता हुई आशाई सामाड

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16 Year नाबालिग लापता मामला 20 जनवरी, 2026 को शुरू हुआ, जब चक्रधरपुर के जेनाबेड़ा निवासी रान्दाय सामाड (35 वर्ष) ने थाने में सूचना दी। उनकी बड़ी बेटी नन्दी सामाड अपनी छोटी बहन आशाई को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय छोड़ने जा रही थी। घर से कुछ दूरी पर आशाई अचानक बड़ी बहन से अलग हो गई और लापता हो गई। गुस्से में आकर वह चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहँची, जहां एक दलाल ने उसे बहला-फुसलाकर ट्रेन में बैठा दिया और उत्तर प्रदेश ले गया।

पीड़िता ने बाद में पुलिस को बताया कि उसे केवल 25 हजार रुपये में बेच दिया गया था। ढाई महीने तक वह एक कमरे में बंद रही, जहाँ शारीरिक शोषण और मारपीट चलती रही। उसके शरीर पर जलाने के निशान भी मिले। यह घटना झारखंड और उत्तर प्रदेश में हैरानी का विषय बन गई और सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच

16 Year नाबालिग लापता मामला गंभीरता से लिया गया। पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद 2 अप्रैल, 2026 को चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 38/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2) में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गई।

टीम ने तकनीकी साक्ष्यों जैसे CDR और टावर लोकेशन का उपयोग करके नाबालिग का लोकेशन उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ट्रेस किया। छापामारी दल में शामिल अधिकारी थे: अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक साहेब कुमार गौंड, महिला चौकीदार पार्वती बोदरा, चौकीदार विरंची तांती, डालसा के पीएलबी स्वेता रवानी और मनोज खंडाईत। उन्होंने इनायतपुर में रातभर की कार्रवाई के बाद आशाई को दरिंदों के चंगुल से बचाया।

कार्रवाई के चरण

  • 20 जनवरी 2026: लापता घोषित, गुमशुदगी दर्ज।
  • 2 अप्रैल 2026: बीएनएस धारा 137(2) में प्राथमिकी दर्ज, टीम गठित।
  • 12 अप्रैल 2026: सीतापुर से रेस्क्यू, दो आरोपी गिरफ्तार।

आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध स्वीकार

16 Year नाबालिग लापता मामला में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया – संदीप कुमार (27 वर्ष) और किशोरी लाल कुईरी (40 वर्ष), दोनों निवासी इनायतपुर, जिला सीतापुर, उत्तर प्रदेश। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध को स्वीकार कर लिया। संदीप कुमार मुख्य आरोपी है, जिसने नाबालिग के साथ शारीरिक शोषण किया और किशोरी लाल बिचौलिया के रूप में काम कर रहा था।

जांच में पाया गया कि नाबालिग को मात्र 25 हजार रुपये में बेचा गया था। पुलिस ने उन्हें जेल भेजकर कठोर कार्रवाई की है। इससे परिवार को राहत मिली है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है।

16 Year नाबालिग लापता मामला युवाओं को सावधान रहने का सबक देता है – खासकर रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर। परिवारों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और पुलिस की तत्परता से हमें विश्वास मिलता है। यदि आप ऐसा कोई भी शक देखें, तुरंत थाने में सूचित करें। 

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को राहत मिली है, वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

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