
📰 जमशेदपुर में 14 साल के छात्र की हार्ट अटैक से मौत, डॉक्टर भी स्तब्ध

कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की घटना ने परिवार और शहर को झकझोरा
📍स्थान: सिदगोड़ा, जमशेदपुर
📅 घटना का दिन: गुरुवार सुबह
👦 मृतक: साई (14 वर्ष), कक्षा 9वीं का छात्र
❗ अचानक बिगड़ी तबीयत, मौत ने चौंकाया
जमशेदपुर के सिदगोड़ा 10 नंबर बस्ती में रहने वाले 14 वर्षीय छात्र साई की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
साई डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर में 9वीं कक्षा का छात्र था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे वह शौचालय से लौटते ही सिरदर्द की शिकायत करने लगा।
परिजन उसे तुरंत मर्सी अस्पताल, बारीडीह लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसकी हालत और बिगड़ गई। ऑक्सीजन देने के बाद भी वह बेहोश हो गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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🩺 डॉक्टर भी हैरान, सवालों में घिरी मौत
परिवार के सदस्य सच्चिदानंद ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार साई की मौत हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) से हुई।
साई के पिता विजय नंदन एक ठेकेदार हैं और मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के माधोपुर गांव से हैं।
सदर अस्पताल के डॉ. रंजीत पांडा के अनुसार,
“कम उम्र में हार्ट अटैक होना बहुत ही असामान्य है। इसके पीछे तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और अत्यधिक शारीरिक थकावट जैसे कारण हो सकते हैं।”
📌 विशेष बिंदु:
- 🧒 साई पढ़ाई में होनहार और माता-पिता की एकमात्र संतान था।
- 🏥 इलाज के दौरान दो अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन जीवन नहीं बच सका।
- 👨⚕️ चिकित्सकों ने अत्यधिक कम उम्र में हार्ट अटैक को दुर्लभ घटना बताया।
- 😢 इलाके में शोक की लहर, स्कूल में भी गमगीन माहौल।
🔍 क्या कहती है यह घटना?
इस हृदयविदारक घटना ने बच्चों में भी दिल की बीमारियों के खतरे को उजागर कर दिया है।
अब जरूरी हो गया है कि बच्चों के खानपान, मानसिक तनाव और दिनचर्या पर गंभीर ध्यान दिया जाए।
📣 निष्कर्ष:
साई की आकस्मिक मौत ने हर किसी को चौंका दिया है। यह घटना समाज को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होने का संदेश दे रही है। चिकित्सकों और विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है कि हम बच्चों की जीवनशैली पर गंभीरता से विचार करें।
🙏 ईश्वर साई की आत्मा को शांति दे और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दे।











































