
दरभंगा । बिहार के दरभंगा जिले में यामाहा शोरूम के मैनेजर मोहम्मद फ़ैज़ अहमद की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार शाम हुई इस सनसनीखेज वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू पासवान को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और नौकरी से निकाले जाने की नाराजगी सामने आई है। आरोपी पहले उसी यामाहा एजेंसी में कार्यरत था और मृतक मैनेजर मोहम्मद फ़ैज़ अहमद के साथ उसका सीधा संपर्क था।
शोरूम के अंदर हुआ खौफनाक हमला
जानकारी के अनुसार, दरभंगा शहर स्थित यामाहा बाइक एजेंसी में शुक्रवार शाम मोहम्मद फ़ैज़ अहमद अपने कार्यालय में कंप्यूटर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक शोरूम के अंदर दाखिल हुआ और अचानक उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अचानक था कि फ़ैज़ अहमद को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी लगातार कई वार करता है। हमले के बाद वह वहां से निकल गया, लेकिन कुछ देर बाद फिर वापस लौटा और कथित रूप से कैंची तथा अन्य धारदार वस्तु से मृतक पर दोबारा हमला किया। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी स्कूटी से फरार हो गया, जबकि शोरूम में मौजूद लोग दहशत में आ गए। कुछ ही देर में पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने 24 घंटे में किया गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू पासवान को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
सदर डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में उसी एजेंसी में काम करता था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ समय पहले मृतक की शिकायत पर उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसी बात को लेकर वह काफी नाराज था और लंबे समय से बदला लेने की योजना बना रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में व्यक्तिगत रंजिश हत्या का प्रमुख कारण प्रतीत हो रहा है। हालांकि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि किसी अन्य संभावित कारण को नजरअंदाज न किया जाए।
हत्या में इस्तेमाल सामान और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार मृतक की स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
घटनास्थल से मिले रक्त के नमूने, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
फॉरेंसिक टीम भी जुटी जांच में
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। विशेषज्ञों ने कई अहम नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या की पूरी श्रृंखला को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण किया जा रहा है।
दरभंगा के एसएसपी अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश
इस निर्मम हत्या के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। घटना के विरोध में लोगों ने नेशनल सिनेमा चौक और मौलागंज इलाके में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
परिजनों का कहना था कि दिनदहाड़े शोरूम के अंदर इस तरह की वारदात ने आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठान के अंदर इतनी निर्ममता से हत्या होना लोगों को भयभीत कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कार्यस्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। कई लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद हत्या के पूरे घटनाक्रम पर और अधिक स्पष्टता आने की संभावना है।
दरभंगा पुलिस का कहना है कि मामले में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल मुख्य आरोपी सोनू पासवान पुलिस की गिरफ्त में है और हत्या के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करने के लिए जांच जारी है।
मोहम्मद फ़ैज़ अहमद की हत्या ने न केवल उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है, बल्कि पूरे दरभंगा शहर को झकझोर दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है कि इस चर्चित हत्याकांड में दोषियों को कब और कैसी सजा मिलती है।










































