
Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच पानीहाटी सीट से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आरजी कर रेप-हत्या मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ इस सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हैं और शुरुआती रुझानों में उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली है।

20 हजार से लेकर 50 हजार तक की बढ़त
मतगणना के अब तक के आंकड़ों के अनुसार रत्ना देबनाथ करीब 20,000 से अधिक वोटों से आगे चल रही थीं, वहीं कुछ अपडेट्स में यह बढ़त 50,000 वोटों के पार भी बताई जा रही है। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ रही है, उनकी स्थिति और मजबूत होती दिख रही है।
टीएमसी उम्मीदवार पीछे
इस सीट पर तीर्थंकर घोष (All India Trinamool Congress) शुरुआती राउंड में आगे थे, लेकिन बाद में वह पीछे हो गए। अब मुकाबला एकतरफा होता नजर आ रहा है। वहीं कलातन दासगुप्ता (CPI-M) भी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य लड़ाई बीजेपी और टीएमसी के बीच ही सिमट गई है।
📊 चुनाव आयोग के आंकड़े क्या कहते हैं?
Election Commission of India के अनुसार 13 में से 8 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद रत्ना देबनाथ ने मजबूत बढ़त बना ली थी। इसके बाद के राउंड्स में यह अंतर और बढ़ता गया।
सहानुभूति फैक्टर बना बड़ा मुद्दा
आरजी कर रेप-हत्या मामले से जुड़ी संवेदनशीलता और जनता की सहानुभूति इस चुनाव में बड़ा फैक्टर बनती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी वजह से मतदाताओं का झुकाव रत्ना देबनाथ की ओर हुआ है।
पानीहाटी सीट पर बदलता समीकरण
पानीहाटी सीट traditionally तृणमूल कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार का चुनाव परिणाम इस धारणा को तोड़ता नजर आ रहा है। अगर यही रुझान नतीजों में बदलता है, तो यह बीजेपी के लिए बड़ी राजनीतिक जीत होगी।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में पानीहाटी सीट पर रत्ना देबनाथ की बढ़त सिर्फ एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और राजनीतिक बदलाव का संकेत भी है। यह परिणाम राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।










































