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BJP की जीत के बाद वायरल हुआ पुराना बयान। अब पलटा, जानें क्या कहा पप्पू यादव ने।

On: May 6, 2026 2:50 PM
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Election 2026: BJP की जीत के बाद वायरल हुआ पुराना बयान। अब पलटा बयान। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद जन अधिकार पार्टी के नेता और सांसद Pappu Yadav एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। वजह है उनका वह पुराना बयान, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो वे “सेवा, मदद और संघर्ष की राजनीति” छोड़ देंगे।

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बीजेपी की जीत के बाद वायरल हुआ पुराना बयान

30 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पप्पू यादव ने लिखा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि “दीदी ही जीतेंगी”, लेकिन यदि बीजेपी सत्ता में आती है तो वे राजनीति से खुद को अलग कर लेंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद अब यही बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बंगाल में बीजेपी की बड़ी बढ़त

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी बढ़त हासिल करते हुए बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। शुरुआती और बाद के रुझानों में बीजेपी 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाती दिखाई दी, जिसके बाद राज्य में सरकार गठन लगभग तय माना जा रहा है।

इसी के साथ सोशल मीडिया पर लोगों ने पप्पू यादव के पुराने पोस्ट और वीडियो को शेयर करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स सवाल पूछ रहे हैं कि क्या वे अब सच में राजनीति छोड़ेंगे या फिर अपने बयान से पीछे हट जाएंगे।

चुनाव नतीजों पर पप्पू यादव की प्रतिक्रिया

चुनाव परिणाम आने के बाद पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया जरूर दी, लेकिन उसमें अपने पुराने वादे का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने बीजेपी की जीत को “जबरदस्ती की जीत” बताते हुए चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि बंगाल में “जनता की उम्मीदों का चीरहरण हुआ है” और कुछ सीटों पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि वे राजनीति छोड़ रहे हैं या अपने पुराने बयान पर कायम हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

पप्पू यादव की चुप्पी को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स पुराने वीडियो क्लिप शेयर कर पूछ रहे हैं कि क्या नेता अपने शब्दों पर टिकेंगे या फिर इसे “भावनात्मक बयान” बताकर आगे बढ़ जाएंगे।

कुछ लोगों का कहना है कि नेताओं द्वारा चुनावी माहौल में ऐसे बड़े दावे करना आम बात है, लेकिन परिणाम आने के बाद अक्सर उन बयानों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि पप्पू यादव का बयान राजनीतिक भावनाओं में दिया गया था और उसे शाब्दिक रूप से नहीं लिया जाना चाहिए।

पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय राजनीति में चुनावों के दौरान बड़े-बड़े दावे और त्याग की घोषणाएं नई बात नहीं हैं। अतीत में भी कई नेता हार या जीत को लेकर राजनीतिक संन्यास जैसी बातें कह चुके हैं, लेकिन बाद में सक्रिय राजनीति में बने रहे।

पप्पू यादव के राजनीतिक इतिहास को देखें तो वे कई बार भावनात्मक और आक्रामक राजनीतिक बयान देते रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने पुराने वादे पर कायम रहते हैं या इसे सिर्फ चुनावी बयान बताकर आगे बढ़ते हैं।

अब सबकी नजर अगले बयान पर

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या पप्पू यादव आधिकारिक तौर पर राजनीति छोड़ने की घोषणा करेंगे या नहीं। अभी तक उन्होंने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट सफाई नहीं दी है।

बंगाल चुनाव के बाद उनकी प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर बढ़ते सवालों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। अब लोगों की नजर उनके अगले बयान पर टिकी हुई है, जो तय करेगा कि वे अपने शब्दों पर कायम रहते हैं या राजनीति में सक्रिय बने रहते हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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