मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

Tragic Accident at Dubare Elephant Camp: हाथियों की लड़ाई की चपेट में आकर महिला पर्यटक की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: May 18, 2026 11:25 PM
Follow Us:
ELEPHANT
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

– कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर मचा हड़कंप

Tragic Accident at Dubare Elephant Camp: कर्नाटक के कोडागु जिले में स्थित मशहूर डुबारे एलिफेंट कैंप में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कावेरी नदी किनारे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने इस हाथी कैंप में दो हाथियों के बीच अचानक हुई भिड़ंत ने एक महिला पर्यटक की जान ले ली। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वन्यजीव पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

A 2

हाथियों की भिड़ंत बनी जानलेवा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैंप में हाथियों को नदी में नहलाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान दो प्रशिक्षित हाथी अचानक आपस में आक्रामक हो गए और उनके बीच जोरदार संघर्ष शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों हाथी लंबे समय से कैंप में पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहे हैं।

हाथियों की धक्का-मुक्की के दौरान एक हाथी का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी किनारे मौजूद पर्यटकों की दिशा में गिर पड़ा। दुर्भाग्यवश उसकी चपेट में एक महिला आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी के भारी वजन और उसकी उत्तेजित स्थिति के कारण महिला को नहीं बचाया जा सका। हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ ही सेकंड में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।

चेन्नई से घूमने आई थी महिला

मृतका की पहचान चेन्नई निवासी 33 वर्षीय ज्युनेश के रूप में हुई है। वह अपने पति और छोटी बेटी के साथ छुट्टियां मनाने कोडागु पहुंची थीं। परिवार पहली बार डुबारे एलिफेंट कैंप घूमने आया था। बताया जा रहा है कि महिला हाथियों को करीब से देखने और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए नदी किनारे खड़ी थी, तभी यह हादसा हो गया।

घटना के बाद परिवार सदमे में है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला का पति लगातार मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि तुरंत राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया। मासूम बेटी के सामने हुई इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में हाथियों के बीच अचानक हुई लड़ाई और लोगों में मची भगदड़ साफ दिखाई दे रही है। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। वीडियो ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

हादसे के बाद कर्नाटक सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जाएगा कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का पालन ठीक ढंग से हो रहा था या नहीं।

वन्यजीव पर्यटन पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि जंगली जानवरों को पर्यटन आकर्षण के रूप में इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी चाहे कितने भी प्रशिक्षित क्यों न हों, वे मूल रूप से जंगली जीव हैं और तनाव या उत्तेजना की स्थिति में उनका व्यवहार अचानक बदल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटकों को जानवरों के अत्यधिक करीब जाने की अनुमति देना खतरनाक साबित हो सकता है। कई सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि ऐसे कैंपों में सुरक्षा दूरी, बैरिकेडिंग और पर्यटकों की संख्या को लेकर सख्त नियम बनाए जाएं।

सुरक्षा नियमों को लेकर बढ़ी चिंता

डुबारे कैंप की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि वन्यजीव पर्यटन मॉडल पर गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि देशभर के वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा की जाए।

इसमें पर्यटकों और जानवरों के बीच सुरक्षित दूरी, प्रशिक्षित कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना, जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रवेश सीमित करना और जानवरों के व्यवहार की लगातार निगरानी जैसे कदम शामिल किए जा सकते हैं।

एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति

ज्युनेश की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक खुशहाल यात्रा कुछ ही पलों में दर्दनाक त्रासदी में बदल गई। यह हादसा इस बात की भी याद दिलाता है कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति आकर्षण जितना रोमांचक हो सकता है, उतना ही संवेदनशील और जोखिमभरा भी।

डुबारे एलिफेंट कैंप की यह घटना अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन तथा सुरक्षा को लेकर उठे बड़े सवालों का प्रतीक बन चुकी है।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied