कानपुर: उत्तर प्रदेश के Kanpur जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में शुक्रवार सुबह भारी बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। किसान विनोद सविता के घर के आंगन में अचानक जमीन धंस गई और उनकी करीब 18 वर्षीय बेटी यशी देखते ही देखते गहरे गड्ढे में समा गई। घटना के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों ने अपनी आंखों के सामने यशी को जमीन के अंदर जाते देखा। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के लोग भी सहम गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युवती को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
बाथरूम से निकलकर आंगन में पहुंची थी यशी
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह यशी अपने घर में बाथरूम गई थी। बाथरूम से बाहर निकलने के बाद जैसे ही वह आंगन में पहुंची, उसी दौरान अचानक जमीन धंसने की तेज आवाज आई।
यशी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और देखते ही देखते उसके पैरों के नीचे की जमीन धंस गई। वह अचानक बने गहरे गड्ढे में गिर गई।
हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवती गड्ढे में गायब हो चुकी थी।
मिट्टी गिरने से बढ़ी परेशानी
जमीन धंसने के बाद ऊपर की मिट्टी भी गड्ढे में गिर गई। इससे यशी के उसके अंदर दबे होने की आशंका और बढ़ गई।
परिवार के लोगों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बारिश और जमीन के आसपास मिट्टी धंसने के खतरे के कारण वहां मौजूद लोग सीधे गड्ढे में उतरने की हिम्मत नहीं कर सके।
स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रशासन और बचाव दल को सूचना दी गई।
पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य शुरू कराने की तैयारी की।
जमीन लगातार गीली होने के कारण बचाव अभियान में काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। अधिकारियों को आशंका है कि गड्ढे के आसपास की मिट्टी दोबारा धंस सकती है।
इसी वजह से बचाव दल बिना जल्दबाजी किए सुरक्षित तरीके से युवती तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
NDRF ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने पहुंचते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया।
NDRF की निगरानी में मशीनों की मदद से गड्ढे के आसपास की मिट्टी हटाई जा रही है। बचाव दल का प्रयास है कि खुदाई करते समय गड्ढे में और मिट्टी न गिरे और युवती को किसी प्रकार का अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे।
रेस्क्यू टीम बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ रही है, क्योंकि जमीन के लगातार धंसने का खतरा बना हुआ है।
बैकहो लोडर की मदद से हटाई जा रही मिट्टी
यशी तक पहुंचने के लिए बचाव अभियान में बैकहो लोडर की मदद ली जा रही है। मशीन से गड्ढे के आसपास की मिट्टी हटाई जा रही है, जबकि NDRF के जवान पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
मशीन से खुदाई के दौरान यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि भारी मशीनरी के कारण गड्ढे की स्थिति और खराब न हो।
बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवती तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने की है।
लगातार बारिश ने बढ़ाई रेस्क्यू टीम की मुश्किल
पुरवामीर गांव में हादसे के समय भारी बारिश हो रही थी। बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ गई है और मिट्टी के दोबारा धंसने का खतरा बना हुआ है।
बचाव दल को इसी वजह से बेहद सावधानी से काम करना पड़ रहा है। एक तरफ युवती को जल्द से जल्द बाहर निकालने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ रेस्क्यू टीम और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी जरूरी है।
अधिकारी लगातार घटनास्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़
हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। हर कोई यशी के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए हुए है।
परिवार के लोग भी बेहद परेशान हैं और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। घटनास्थल पर भावुक माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद हैं।
रक्षाबंधन की खुशियां अचानक मातम में बदलीं
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया गया कि यशी चार बहनों और एक भाई में से एक है।
रक्षाबंधन का त्योहार करीब होने के कारण परिवार में खुशियों का माहौल था। घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।
जिस आंगन में कुछ समय पहले तक त्योहार को लेकर चहल-पहल थी, वहीं अब परिवार के लोग अपनी बेटी के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
यशी के अचानक गड्ढे में गिरने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने अपनी आंखों के सामने बेटी को जमीन में समाते देखा।
अचानक हुई घटना ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि NDRF और प्रशासन की टीम जल्द ही यशी को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल होगी।
बारिश के कारण जमीन धंसने की आशंका
एसीपी चकेरी आशुतोष सिंह ने बताया कि शुरुआती तौर पर बारिश के कारण मिट्टी धंसने से हादसा होने की बात सामने आई है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। NDRF की टीम मौके पर मौजूद है और युवती को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जमीन धंसने की वजह का भी लगाया जाएगा पता
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर घर के आंगन में अचानक इतनी गहराई तक जमीन कैसे धंस गई। फिलहाल शुरुआती तौर पर लगातार बारिश और मिट्टी के धंसने को हादसे की वजह माना जा रहा है।
हालांकि, जमीन के अचानक धंसने के वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन की टीम घटनास्थल की स्थिति का आकलन कर रही है और बचाव अभियान पूरा होने के बाद अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
हर किसी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर
पुरवामीर गांव में हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके की नजर NDRF के रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है। ग्रामीण और परिवार के सदस्य लगातार इस उम्मीद में हैं कि यशी को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।
बचाव दल की ओर से मशीनों की मदद से मिट्टी हटाने का काम लगातार किया जा रहा है। बारिश और जमीन के धंसने के खतरे के बीच रेस्क्यू टीम पूरी सावधानी से अभियान को आगे बढ़ा रही है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
बारिश के मौसम में जमीन धंसने की घटनाओं को देखते हुए इस तरह के स्थानों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और बचाव दल भी घटनास्थल पर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कह रहे हैं।
गड्ढे के आसपास भीड़ जमा होने से बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है और लोगों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। इसलिए ग्रामीणों से सहयोग करने की अपील की जा रही है।
बेटी के सुरक्षित बाहर आने की दुआ कर रहा परिवार
Kanpur के पुरवामीर गांव में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रक्षाबंधन से ठीक पहले एक परिवार की खुशियां अचानक चिंता और मातम में बदल गईं।
NDRF, पुलिस और प्रशासन की टीम यशी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। फिलहाल पूरा परिवार और गांव उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।

























