- अंतिम भुगतान तक पाने वाले सभी लाभुकों को निश्चित रूप से मिलेगी राशि – बीडीओ पोटका
पोटका/पूर्वी सिंहभूम। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी मईया सम्मान योजना को लेकर लाभुकों के बीच उत्पन्न शंकाओं पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। पोटका के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अरुण मुंडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो भी लाभुक अंतिम भुगतान तक योजना का लाभ ले चुकी हैं, वे आगे भी भुगतान से वंचित नहीं होंगी और सभी पात्र महिलाओं को सम्मान राशि अवश्य मिलेगी।
यह जानकारी पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल को बीडीओ पोटका से प्रत्यक्ष मुलाकात के दौरान दी गई।
सत्यापन सूची को लेकर महिलाओं में थी चिंता
गौरतलब है कि वर्तमान में मईया सम्मान योजना के अंतर्गत गांवों में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा सत्यापन कार्य किया जा रहा है। इस दौरान कई गांवों की महिलाओं ने शिकायत की कि
- उनके नाम आंगनबाड़ी के पास उपलब्ध सूची में नहीं हैं,
- जबकि वे पहले की किस्तों में अंतिम भुगतान तक राशि प्राप्त कर चुकी हैं।
इस स्थिति से लाभुक महिलाओं में यह आशंका उत्पन्न हो गई थी कि
क्या आगे उन्हें सम्मान राशि मिलेगी या नहीं?
पूर्व जिला पार्षद ने उठाया मुद्दा
विभिन्न गांवों की महिलाओं से दूरभाष पर शिकायतें मिलने के बाद पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आज प्रखंड विकास कार्यालय पोटका में अरुण मुंडा से मुलाकात की और लाभुकों की आशंकाओं को उनके समक्ष रखा।
बीडीओ पोटका का स्पष्ट आश्वासन
बीडीओ अरुण मुंडा ने कहा—
“अंतिम भुगतान तक पाने वाले कोई भी लाभुक मईया सम्मान योजना की राशि से वंचित नहीं होंगे। सत्यापन एक सतत प्रक्रिया है। प्रथम किस्त की जो सूची जिला स्तर से उपलब्ध कराई गई है, उसका सत्यापन कर पुनः भेजा जा रहा है। आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।”
उन्होंने यह भी अपील की कि
- जो अयोग्य लाभुक हैं,
- उनके नाम सूची से हटवाने में जनता सहयोग करे,
ताकि वास्तविक जरूरतमंद और छूटे हुए लाभुकों को योजना का लाभ मिल सके।
मौके पर रहे उपस्थित
इस मुलाकात के दौरान पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल के साथ खोगेन भकत (सांसपुर) भी उपस्थित थे।
विश्लेषण
मईया सम्मान योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं में सत्यापन के दौरान भ्रम और आशंका उत्पन्न होना आम बात है, लेकिन प्रशासन द्वारा समय रहते स्थिति स्पष्ट करना न केवल लाभुकों का विश्वास बहाल करता है, बल्कि योजना की पारदर्शिता को भी मजबूत करता है। बीडीओ पोटका का यह बयान उन हजारों महिलाओं के लिए बड़ी राहत है, जो सूची से नाम गायब होने के कारण मानसिक तनाव में थीं।
पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल की पहल और बीडीओ पोटका की स्पष्टता से यह संदेश साफ है कि—
✔️ पात्र लाभुकों को सम्मान राशि से वंचित नहीं किया जाएगा,
✔️ सत्यापन प्रक्रिया जारी रहेगी,
✔️ और योजना को अधिक प्रभावी व न्यायसंगत बनाने की दिशा में प्रशासन सजग है।
यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक और भरोसेमंद कदम मानी जा रही है।













