रांची: विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर 18 दिसंबर 2025 को रांची स्थित हज हाउस, कडरू में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिदायतुल्लाह खान द्वारा किया गया, जिसमें शिक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर अल्पसंख्यक आयोग के मंत्री श्री हफीजुल हसन ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग शुरू करने की महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। इस घोषणा का कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया।
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट ने की पहल की सराहना
जमशेदपुर की जानी-मानी सामाजिक संस्था ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से इस पहल की विशेष रूप से सराहना की गई। ट्रस्ट के ट्रस्टी सैयद आसिफ अख्तर, मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, हाजी अजीज हसनैन, ताहिर हुसैन तथा राबिया एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी के निदेशक जावेद अख्तर खान ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत समाज में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के सभी अल्पसंख्यक समुदायों—मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई, दलित एवं आदिवासी—के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
जागरूकता और अवसर से जोड़ने का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि
“विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का उद्देश्य सभी अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें शिक्षा और अवसरों से जोड़ना है।”
उन्होंने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, ताकि योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँच सके।
आभार और सहयोग का संकल्प
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट ने अल्पसंख्यक हित में इस सराहनीय पहल के लिए मंत्री श्री हफीजुल हसन का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं मार्गदर्शन के लिए आयोग अध्यक्ष श्री हिदायतुल्लाह खान के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
साथ ही ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस निःशुल्क कोचिंग पहल को पूर्वी सिंहभूम जिले के अल्पसंख्यक छात्रों तक पहुँचाने में पूरा सहयोग करेगा।
यह पहल झारखंड में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलने की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम मानी जा रही है।














