
पूर्वी सिंहभूम: जिला प्रशासन द्वारा खाद्यान्न Distribution (वितरण)प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में आयोजित आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने स्पष्ट रूप से कहा कि राशन Distribution में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया कि जिले के सभी पात्र लाभुकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
पीडीएस व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग पर प्रशासन का फोकस
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक Distribution प्रणाली (PDS) की निरंतर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि पीडीएस व्यवस्था गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की जीवनरेखा है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जन वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिले में संचालित सभी जन वितरण दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करने पर भी विशेष बल दिया गया ताकि खाद्यान्न Distribution प्रक्रिया में किसी प्रकार की धांधली या अनियमितता को रोका जा सके।
राशन कार्ड सत्यापन और डाटा शुद्धिकरण अभियान में बड़ी प्रगति
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में लाभुक सत्यापन एवं डाटा शुद्धिकरण का कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन द्वारा अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर सूची से हटाने और पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
संदिग्ध आधार मामलों में कार्रवाई
- कुल 22,975 संदिग्ध मामलों में से 22,689 नाम हटाए गए।
राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत समीक्षा
- 16,399 मामलों की जांच की गई।
- 5,001 लाभुकों के नाम हटाए गए।
- 8,384 लाभुक पात्र पाए गए।
- 3,014 मामले अभी लंबित हैं।
निष्क्रिय राशन कार्डों पर कार्रवाई
- 1,64,237 निष्क्रिय मामलों में से 1,47,439 नाम हटाए गए।
डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान
- 25,321 मामलों की जांच में 14,417 नाम हटाए गए।
- 4,880 लाभुक पात्र पाए गए।
- 6,024 मामलों पर कार्रवाई जारी है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग लंबे समय से राशन नहीं उठा रहे हैं, उनके नाम चिन्हित कर हटाए जाएं ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
डाकिया योजना में लापरवाही पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी
बैठक में आदिम जनजाति परिवारों के लिए संचालित डाकिया योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पटमदा, पोटका तथा गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में खाद्यान्न Distribution लंबित पाया गया, जिस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना है।
उपायुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित बीएसओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को हर माह 10 तारीख के बजाय 5 तारीख तक ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।
मुख्यमंत्री चना-दाल और नमक Distribution योजना की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री चना-दाल Distribution योजना एवं नमक वितरण योजना की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ जिले के प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब एवं कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाना है, इसलिए वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने पर बल दिया।
पीजीएमएस और ईआरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश
बैठक के दौरान PGMS पोर्टल तथा ERCMS प्रणाली के अंतर्गत लंबित शिकायतों एवं आवेदनों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आम जनता की शिकायतों का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी लाभुक की समस्या लंबे समय तक लंबित रहती है, तो इससे शासन की छवि प्रभावित होती है।
इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के समाधान में गंभीरता दिखाएं और तय समयसीमा के भीतर मामलों का निपटारा करें।
खाद्यान्न भंडारण और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर
बैठक में खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था तथा सप्लाई चेन की समीक्षा भी विस्तार से की गई। उपायुक्त ने गोदामों की उपलब्ध क्षमता, खाद्यान्न उठाव, वितरण प्रक्रिया तथा परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि यदि भंडारण और परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, तभी समय पर खाद्यान्न वितरण संभव हो सकेगा।
इसके साथ ही लंबित गोदाम मरम्मतीकरण कार्यों को लेकर भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण किए जाएं।
राशन Distribution में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन की सख्त रणनीति
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन अब खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में तकनीकी निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।
प्रशासन की रणनीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं—
- पात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करना
- फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड हटाना
- निष्क्रिय लाभुकों की सूची अपडेट करना
- समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करना
- डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करना
- पीडीएस दुकानों की नियमित जांच
- शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाना
इन सभी कदमों से जिले में खाद्यान्न Distribution व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम
जिला प्रशासन की यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीर है।
खाद्य सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों को राहत मिल रही है। ऐसे में Distribution प्रणाली में सुधार, फर्जी लाभुकों की पहचान और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना अत्यंत आवश्यक है।
उपायुक्त श्री राजीव रंजन द्वारा दिए गए निर्देशों से यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में पूर्वी सिंहभूम जिले में खाद्यान्न वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनेगी।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एडीएम (एसओआर) श्री राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री जुल्फीकार अंसारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, सभी बीएसओ, एमओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा खाद्यान्न Distribution व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयास जिले के लाखों लाभुकों के लिए राहतभरे साबित हो सकते हैं। राशन वितरण में पारदर्शिता, पीडीएस प्रणाली की सतत निगरानी, डाटा शुद्धिकरण, शिकायतों का त्वरित समाधान और डाकिया योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग जैसे कदम प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं।
यदि प्रशासन इसी प्रकार सख्ती और जवाबदेही के साथ कार्य करता रहा, तो निश्चित रूप से जिले में खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचेगा और गरीबों को राहत मिलेगी।









