मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

पाकिस्तान में Terrorists को सैन्य सम्मान देने के दावे से मचा विवाद

On: May 7, 2026 9:18 AM
Follow Us:
IMG 20260507 091446

भारत में आतंकवाद पर फिर उठे गंभीर सवाल

भारत में आतंकवाद: वर्षों पुरानी चुनौती

Terrorist : भारत लंबे समय से आतंकवाद की समस्या से जूझता रहा है। देश ने कई बड़े आतंकी हमलों का दर्द सहा है, जिनमें हजारों निर्दोष लोगों की जान गई। संसद हमला, मुंबई 26/11 हमला, पुलवामा और हाल के कई आतंकी हमलों ने देश की सुरक्षा को लगातार चुनौती दी है।

भारत हमेशा यह आरोप लगाता रहा है कि सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन मिलता है। यही कारण है कि जब भी आतंकियों या उन्हें संरक्षण देने से जुड़ी कोई खबर सामने आती है, तो वह पूरे देश में चिंता और आक्रोश का कारण बनती है।

रावलपिंडी के कार्यक्रम से बढ़ा विवाद

पाकिस्तान के रावलपिंडी में आयोजित एक कार्यक्रम ने एक बार फिर आतंकवाद को लेकर बहस तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया जा रहा है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

इस कार्यक्रम में पाकिस्तान नज़रियाती पार्टी के अध्यक्ष शाहीर सियालवी ने दावा किया कि “ऑपरेशन सिंदूर” में मारे गए आतंकियों को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

उन्होंने कहा कि वर्दी पहने सैनिकों ने आतंकियों के ताबूत उठाए और सैन्य परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया। इस दावे के सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं।

आतंकियों की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों से करने पर विवाद

कार्यक्रम के दौरान शाहीर सियालवी ने आतंकियों की तुलना भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं से करने की कोशिश की।

हालांकि इस बयान की कई लोगों ने कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि भारत के स्वतंत्रता सेनानी देश की आज़ादी और न्याय के लिए लड़े थे, जबकि आतंकवादी निर्दोष लोगों की हत्या कर डर और हिंसा फैलाते हैं।

ऐसे में दोनों की तुलना करना पूरी तरह गलत और अनुचित माना जा रहा है।

मुज़म्मिल हाशमी की मौजूदगी ने बढ़ाए सवाल

इस कार्यक्रम में मुज़म्मिल हाशमी के मौजूद होने की भी चर्चा है। उसे आतंकी सरगना हाफ़िज़ सईद के करीबी लोगों में गिना जाता है।

इसके बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान की सेना और आतंकी संगठनों के बीच किसी प्रकार का संबंध है। भारत पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठा चुका है।

क्या है “ऑपरेशन सिंदूर”?

भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था।

इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों और नेटवर्क को निशाना बनाना बताया गया था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना था कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए की गई।

भावनात्मक मुद्दे पर संतुलित भाषा की जरूरत

यह पूरा मामला आतंकवाद को लेकर लोगों की भावनाओं और गुस्से को सामने लाता है। लेख में आतंकवाद के खिलाफ जनता की नाराज़गी साफ दिखाई देती है।

हालांकि ऐसे संवेदनशील मामलों में रिपोर्टिंग करते समय भाषा को संतुलित रखना जरूरी होता है, ताकि खबर तथ्य आधारित बनी रहे और अनावश्यक तनाव न बढ़े।

आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन

दुनिया के अधिकांश देश अब यह मान चुके हैं कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की समस्या है। जो देश या संगठन आतंकवाद को समर्थन देते हैं, वे क्षेत्रीय शांति और अपने भविष्य दोनों को खतरे में डालते हैं।

पाकिस्तान और आतंकियों के लिए कड़ा संदेश

आतंक का समर्थन किसी देश को सुरक्षित नहीं बनाता

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि आतंकवाद और शांति वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते। निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को सम्मान देने की कोशिश कभी स्वीकार नहीं की जा सकती।

पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद को संरक्षण देना या उसका महिमामंडन करना किसी भी देश के हित में नहीं है। इससे दुनिया में उसकी छवि और अधिक खराब होती है।

आतंकियों के लिए भारत का स्पष्ट संदेश

भारत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने में सक्षम है। आतंक फैलाने वालों के लिए संदेश साफ है कि हिंसा और डर का रास्ता अंत में केवल विनाश और बदनामी की ओर ले जाता है।

आतंकवाद का अंत केवल शांति, कानून और मानवता के सम्मान से ही संभव है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Add A Heading 12 3

Chitrakoot गैंगरेप मामला नकली वनकर्मी बनकर छात्रा से दरिंदगी मुख्य आरोपी एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

TNF 2 2

रक्षक ही बना भक्षक? Gorakhpur में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या CCTV फुटेज के आधार पर पुलिसकर्मी हिरासत में

Untitled Design 5 12

Jamnagar हत्याकांड जहरीली शराब में साइनाइड मिलाकर पति की हत्या का आरोप दो साल बाद खुला सनसनीखेज मामला

Untitled Design 4 9

Jamshedpur में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा युवक घायल मिला दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

IMG 20260730 150620

अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, 9.2 किलो गांजा, नकदी व बाइक के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

Add A Heading 8 5

Kaimur में छात्रा के कथित अपहरण का प्रयास नाकाम ऑटो में नशीला पदार्थ सुंघाने और इंजेक्शन देने का आरोप कूदकर बचाई जान

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!