
महाराष्ट्र: नासिक में TCS की यूनिट से यौन उत्पीड़न का मामला अब धर्मांतरण और ग्रूमिंग तक फैल गया। आधा दर्जन महिलाओं ने सहकर्मियों पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए। पुलिस ने 9 FIR दर्ज कर 8 गिरफ्तारियां कीं, जिसमें महिला मैनेजर भी TCS ने सस्पेंड किया, लेकिन POSH चैनल पर शिकायत न मिलने का दावा CM देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए। ये मामला कॉर्पोरेट में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मामला की शुरुआत एक पीड़िता से आधा दर्जन शिकायतें
TCS नासिक BPO यूनिट में एक शादीशुदा महिला ने सहकर्मी पर प्लेयर जीरो फिगर जैसे शब्द, साड़ी पल्लू खींचना, हाथ पकड़ना का आरोप लगाया। धार्मिक टिप्पणियों पर विरोध तो धमकी मिली. जांच में 6+ महिलाओं ने यौन शोषण, छूने की कोशिश बताई। ट्रेनिंग से सोशल मीडिया तक उत्पीड़न. आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख – ज्यादातर टीम लीडर.
पीड़िता बोलीं – शादी के बाद व्यवहार बदला, निजी सवाल, आपत्तिजनक कमेंट। विरोध पर काम नुकसान की धमकी। मामला 2022 से 2026 तक का.
पुलिस जांच 9 FIR 8 गिरफ्तार – महिला मैनेजर फरार
नासिक पुलिस SIT ने 9 FIR दर्ज कीं। 8 गिरफ्तार – निदा खान (महिला ऑपरेशंस मैनेजर) सहित। निदा पर शिकायत दबाने का आरोप. FIR में छेड़छाड़, ब्लैकमेल, धर्मांतरण दबाव। एक हिंदू युवक पर भी जबरन कन्वर्जन. यूनिट सील, 120-150 कर्मचारी WFH.
श्रम विभाग जांच कर रहा – POSH कानून उल्लंघन. CM फडणवीस: “गंभीर, पूरी जांच”। आरोपी परिवार: साजिश।
FIR का सारांश
| FIR क्रमांक | पीड़िता संख्या | मुख्य आरोप |
|---|---|---|
| 1-3 | 3 महिलाएं | छेड़छाड़, धार्मिक टिप्पणी |
| 4 | 1 महिला | शादी झांसा, संबंध |
| 5-9 | 4+ | ब्लैकमेल, कन्वर्जन |
TCS की प्रतिक्रिया जीरो टॉलरेंस, लेकिन सवाल बाकी
TCS: “जीरो टॉलरेंस”, आरोपी सस्पेंड, पुलिस सहयोग POSH चैनल पर शिकायत न मिली। लेकिन पूर्व कर्मचारी: शिकायत दबीं। “कॉर्पोरेट जिहाद” का आरोप. यूनिट बंद, जांच आंतरिक।
पीड़िताओं के आरोप विस्तार से
- शारीरिक: साड़ी पल्लू खींचना, हाथ पकड़ना।
- मानसिक: “जीरो फिगर”, प्लेयर कहना।
- धार्मिक: हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी, कन्वर्जन दबाव।
- ऑनलाइन: फॉलो, ब्लॉक के बाद दूसरे अकाउंट.
एक पीड़िता को माइग्रेन, परिवार ने बताया टॉक्सिक कल्चर.
कॉर्पोरेट में POSH खामियां क्यों?
POSH (2013) – ICC अनिवार्य। TCS जैसी कंपनी में भी चूक। शिकायत दबाना आम। नासिक IT हब में महिला सुरक्षा सवाल. श्रम विभाग ऑडिट मांग रहा।
कानूनी प्रक्रिया आगे क्या?
IPC 354 (छेड़छाड़), 509 (इंसल्ट), POCSO अगर नाबालिग। धर्मांतरण कानून लागू। कोर्ट में चार्जशीट। TCS पर जुर्माना संभव।
समाज पर असर जागरूकता जरूरी
मामला कॉर्पोरेट कल्चर उजागर। महिलाएं आवाज उठाएं। TCS को सुधार।
TCS नासिक मामला महिलाओं की सुरक्षा पर जांच पूरी हो, दोषी सजा पाएं। TCS POSH मजबूत करे। समाज जागरूक बने। न्याय पीड़िताओं को मिले।
महिला के अनुसार, यह उत्पीड़न केवल ऑफिस तक सीमित नहीं रहा। आरोपी ने उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलो किया और संपर्क करने की कोशिश की। जब महिला ने उसे ब्लॉक कर दिया, तब भी उसने दूसरे माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश जारी रखी, जिसे महिला ने नजरअंदाज किया।
Tata Consultancy Services (TCS) ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। कंपनी के अनुसार, आरोप सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, शुरुआती जांच में कंपनी के आधिकारिक एथिक्स और POSH चैनलों पर इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं पाई गई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले को गंभीर बताया है और कहा है कि इसकी पूरी जांच की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
वहीं, आरोपित पक्ष के परिवार ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह मामला जानबूझकर बनाया गया है और इसमें सच्चाई नहीं है।
यह मामला केवल एक कंपनी का नहीं बल्कि पूरे कॉर्पोरेट माहौल का आईना बन गया है, जहां महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और शिकायत तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सच क्या है और न्याय किसे मिलेगा।










































