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सुकींदा में सतत खनन को मजबूत करने के लिए टाटा स्टील ने नई पीढ़ी की जल प्रबंधन तकनीकें अपनाईं

On: February 25, 2026 5:32 PM
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सुकींदा : टाटा स्टील ने नई पीढ़ी की जल प्रबंधन तकनीकें अपनाईं
  • सुकींदा में टाटा स्टील की नई पहल – पानी बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
  • एकीकृत जल शोधन प्रणालियों और डिजिटल निगरानी उपकरणों के माध्यम से जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन के नए मानक स्थापित किए गए।

सुकींदा, ओडिशा : पानी की कमी और पर्यावरण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Tata Steel ने ओडिशा के जाजपुर जिले के सुकींदा क्षेत्र में जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। कंपनी ने पानी के प्रदूषण को रोकने और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नई और आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाया है।

सुकींदा क्रोमाइट माइंस में टाटा स्टील ने 4,500 किलोलीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला अत्याधुनिक एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) लगाया है। इस प्लांट में खदानों से निकलने वाले गंदे पानी और सतही बहाव को साफ किया जाता है, ताकि हानिकारक तत्व हटाकर पानी को दोबारा उपयोग में लाया जा सके या सुरक्षित तरीके से छोड़ा जा सके।

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इसके अलावा, सरुआबिल क्रोमाइट माइंस में 1,200 किलोलीटर प्रति घंटे की क्षमता का नया ईटीपी शुरू किया गया है, जो पहले से मौजूद 380 KL/hr यूनिट के साथ मिलकर काम करेगा। इन संयंत्रों से साफ किया गया पानी ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुरूप है और इसका उपयोग बागवानी व धूल नियंत्रण के लिए किया जा रहा है।

कंपनी के फेरो एलॉयज एंड मिनरल्स डिवीजन के प्रभारी अधिकारी ने कहा कि पानी सबका साझा संसाधन है और इसकी सुरक्षा भी सबकी जिम्मेदारी है। टाटा स्टील का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए पानी को बचाना और आसपास के समुदायों का भविष्य सुरक्षित करना है।

पानी की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए सेंसर आधारित उपकरण लगाए गए हैं, जो लगातार पानी की जांच करते हैं। साथ ही, एनएबीएल से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र लैब द्वारा समय-समय पर इसकी पुष्टि की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

टाटा स्टील सरुआबिल और कमरदा माइंस में 50 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार कर रही है, जहां साफ पानी को और शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जाएगा।

इसके साथ ही, कंपनी ने स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिसमें आधुनिक सेंसर और डिजिटल तकनीक के जरिए पानी के उपयोग पर रियल टाइम निगरानी रखी जाती है। इससे पानी की बर्बादी कम होती है और जरूरत के समय तुरंत सुधार किया जा सकता है।

इन प्रयासों के माध्यम से टाटा स्टील ने यह साबित किया है कि तकनीक, जिम्मेदारी और समाज के साथ मिलकर काम करने से सुकींदा जैसे खनन क्षेत्र में भी पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर विकास किया जा सकता है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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