
Tata स्टील फाउंडेशन (TSF), टाटा स्ट्राइव और बजाज ऑटो ने भालूबासा कम्युनिटी सेंटर में नया स्किल सेंटर उद्घाटित किया। यह सेंटर मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटी के बेरोजगार युवाओं के लिए थ्री-मंथ टू-व्हीलर सर्विस टेक्नीशियन प्रोग्राम चला रहा है। बजाज ऑटो ने फंडिंग दी, TSF ने इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट किया। आइए, इस Tata स्टील फाउंडेशन की इनिशिएटिव को डिटेल में जानें, जो युवाओं को ऑटोमोटिव सेक्टर में एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड स्किल्स देगी।

जमशेदपुर स्किल सेंटर का उद्घाटन पार्टनर्स की साझेदारी
उद्घाटन समारोह में बजाज ऑटो के VP-CSR सुदाकर गुडिपति, सर्कल हेड लीलाधर, Tata स्ट्राइव के COO अमेया वंजारी, हेड पार्टनरशिप राजर्षि मुखर्जी, राजदीप साहा, TSF के हेड स्किल डेवलपमेंट कैप्टन अमिताभ मौजूद थे। जमशेदपुर, चंदिल, चाइबासा के बजाज डीलर्स भी शामिल हुए।
रिबन कटिंग, लैंप लाइटिंग, वेलकम एड्रेस, बजाज STEP प्रोग्राम प्रेजेंटेशन, गेस्ट स्पीचेज और ट्रेनीज से इंटरैक्शन हुआ। वोट ऑफ थैंक्स और ग्रुप फोटोज के साथ समारोह संपन्न। यह ट्रिपल पार्टनरशिप – TSF, टाटा स्ट्राइव, बजाज ऑटो – कम्युनिटी को सशक्त बनाने का प्रतीक है।
प्रोग्राम की जानकारी किसके लिए, क्या सिखाएंगे?
सेंटर 18-35 साल के 10वीं पास बेरोजगार युवाओं के लिए है। थ्री-मंथ इंटेंसिव ट्रेनिंग + वन मंथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT)। क्लासरूम लर्निंग + प्रैक्टिकल एक्सपोजर। सर्टिफिकेशन के बाद वेज जॉब या सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट में सपोर्ट। सालाना 80-100 कैंडिडेट्स ट्रेन होंगे, 80% प्लेसमेंट गारंटी के साथ।
ट्रेनिंग में टू-व्हीलर सर्विस टेक्नीशियन स्किल्स – इंजन रिपेयर, ब्रेक सिस्टम, इलेक्ट्रिकल्स, कस्टमर सर्विस। बजाज STEP लैब में हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस। कल्पना कीजिए, एक गांव का लड़का यहां सीखकर बजाज सर्विस सेंटर में जॉब पा लेता है – यही सस्टेनेबल लाइवलीहुड है!
Tata स्टील फाउंडेशन की स्किलिंग भूमिका: झारखंड में प्रभाव
Tata स्टील फाउंडेशन Tata ग्रुप की CSR आर्म है, जो स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करती है। जमशेदपुर में यह सेंटर लोकल टैलेंट को ऑटोमोटिव सेक्टर से जोड़ेगा। टाटा स्ट्राइव स्किल ट्रेनिंग एक्सपर्ट है, बजाज ऑटो इंडस्ट्री पार्टनर। यह कॉम्बिनेशन युवाओं को जॉब-रेडी बनाएगा।
झारखंड जैसे स्टेट में बेरोजगारी हाई है, खासकर मार्जिनलाइज्ड सेक्शन्स में। यह सेंटर 100+ युवाओं को सालाना रोजगार देगा। फोकस लड़कियों और आदिवासियों पर भी – इंक्लूसिव ग्रोथ।
बजाज STEP प्रोग्राम इंडस्ट्री-रिलेवेंट ट्रेनिंग
बजाज का STEP (स्किल्स फॉर टू-व्हीलर एक्सीलेंस प्रोग्राम) प्रोवेन है। ट्रेनीज रियल टू-व्हीलर्स पर काम सीखेंगे। OJT में डीलर्स के साथ प्रैक्टिस। सर्टिफिकेट बजाज नेटवर्क में वैल्यू रखता है। 80% प्लेसमेंट से ट्रेनीज कॉन्फिडेंट होंगे।
भारत में स्किल सेंटर्स की जरूरत: चुनौतियां और समाधान
भारत में 40 करोड़ युवा वर्कफोर्स में हैं, लेकिन स्किल गैप से 80% अनस्किल्ड। ऑटोमोटिव सेक्टर में 50 लाख जॉब्स की डिमांड। Tata स्टील फाउंडेशन जैसे सेंटर्स इस गैप को भरते हैं। सरकारी स्कीम्स – PMKVY, स्किल इंडिया – के साथ कॉर्पोरेट पार्टनरशिप्स इफेक्टिव हैं।
जमशेदपुर सेंटर हब बनेगा – लर्निंग, ग्रोथ, इनोवेशन। ट्रेनीज डायनामिक जॉब मार्केट में थ्राइव करेंगे। उदाहरण: पिछले Tata स्ट्राइव सेंटर्स से 70% प्लेसमेंट रेट।

युवाओं के लिए फायदे जॉब से आगे करियर
ट्रेनिंग से न सिर्फ जॉब, बल्कि एंटरप्रेन्योरशिप भी। अपना सर्विस सेंटर खोल सकते हैं। सॉफ्ट स्किल्स – कम्युनिकेशन, टीमवर्क – शामिल। महिलाओं को प्रोत्साहन से जेंडर गैप कम होगा। लॉन्ग-टर्म में कम्युनिटी स्ट्रॉन्ग बनेगी।
TSF, Tata स्ट्राइव और बजाज की साझा कमिटमेंट
यह इनिशिएटिव तीनों की कमिटमेंट दिखाता है – एम्प्लॉयबिलिटी बढ़ाना, टैलेंट नर्चर करना, सस्टेनेबल लाइवलीहुड्स। Tata ग्रुप की CSR ट्रेडिशन बजाज की इंडस्ट्री एक्सपर्टाइज से मिली। फ्यूचर में और सेंटर्स खुल सकते हैं।
उद्घाटन समारोह की झलकियां
गेस्ट वेलकम, STEP लैब रिबन कटिंग, लैंप लाइटिंग। प्रेजेंटेशन, स्पीचेज, ट्रेनी इंटरैक्शन। यह इवेंट युवाओं में जोश भर गया।
Tata स्टील फाउंडेशन, टाटा स्ट्राइव और बजाज ऑटो का जमशेदपुर स्किल सेंटर युवाओं को ऑटोमोटिव जॉब्स से जोड़ेगा। यह सस्टेनेबल लाइवलीहुड्स और कम्युनिटी एम्पावरमेंट का मॉडल है। यदि आप जमशेदपुर के युवा हैं, तो अप्लाई करें – आपका भविष्य यहां से चमकेगा। ऐसी पार्टनरशिप्स भारत को स्किल्ड नेशन बनाएंगी!










