
रांची: पश्चिमी सिंहभूम जिले के एक सरकारी कार्यालय में खुलेआम सिगरेट पीना (Smoking) एक जनसेवक को भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त निर्देश पर उपायुक्त चंदन कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जगन्नाथपुर प्रखंड कार्यालय के जनसेवक जगमोहन सोरेन को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं।

Smoking cigarettes in public place: वायरल वीडियो
घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सरकारी कर्मचारी जगमोहन सोरेन कार्यालय के अंदर बैठकर सिगरेट पीते नजर आ रहे थे। यह वीडियो के. देवराज हेस्सा नामक व्यक्ति ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया और मुख्यमंत्री को टैग कर संज्ञान लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने वीडियो देखने के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी और लिखा —
“यह स्थिति बिल्कुल बर्दाश्त के काबिल नहीं है। विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करते हुए सूचना दें।“
Smoking cigarettes in public place: तत्काल निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही उपायुक्त चंदन कुमार ने वीडियो में दिख रहे कर्मचारी की पहचान कर उन्हें झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2016 की धारा 9(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उप विकास आयुक्त को उनके विरुद्ध विधिसम्मत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।
के. देवराज हेस्सा ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए लिखा —
“आधी रात को भी एक्शन में रहने वाला मुख्यमंत्री ही जनता की सच्ची आवाज बन सकता है।“
यह प्रकरण दिखाता है कि जनता की आवाज, जब प्रमाण सहित सामने आती है, तो प्रशासन भी तत्परता से कार्रवाई करता है।
उल्लेखनीय है कि 11 जून 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड संशोधन विधेयक 2021 को मंजूरी दी है, जिसके तहत अब सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
पहले यह जुर्माना मात्र ₹200 था, जिसे अब पांच गुना बढ़ा दिया गया है। यह कदम राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुशासन को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
यह मामला स्पष्ट संकेत है कि झारखंड सरकार अब अनुशासनहीनता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े उल्लंघनों पर कोई नरमी नहीं बरतेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह त्वरित एक्शन न सिर्फ प्रशासनिक चुस्ती का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनता की भागीदारी और सतर्कता अब व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है।












































