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विधायक बन गए Prashant किशोर हर महीने कितनी मिलेगी सैलरी जानिए वेतन भत्ते और मिलने वाली सभी सुविधाएं

On: August 5, 2026 7:52 PM
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बिहार: राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार और राजनीतिक विश्लेषक जन सुराज पार्टी के प्रमुख Prashant किशोर ने अब सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। उन्होंने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में शानदार जीत हासिल की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 से अधिक वोटों के अंतर से हराया।

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इस जीत के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। जहां एक ओर जन सुराज पार्टी के लिए यह ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर को हर महीने कितनी सैलरी मिलेगी और उन्हें कौन-कौन सी सरकारी सुविधाएं प्राप्त होंगी।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का पूरा परिणाम

बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस चुनाव में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा और लगभग 35 प्रतिशत से भी कम वोटिंग दर्ज की गई। कम मतदान के कारण चुनाव परिणाम को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई थी।

मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों से ही प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए थे। 32 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद उन्होंने कुल 64,151 वोट प्राप्त किए, जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले। इस तरह प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इस परिणाम को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार के विधायक की मूल सैलरी कितनी होती है?

अक्सर लोगों को लगता है कि विधायक केवल बड़ी सैलरी लेते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनकी मूल (बेसिक) सैलरी अपेक्षाकृत कम होती है।

बिहार में एक विधायक की बेसिक सैलरी लगभग 50,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है। हालांकि उनकी कुल आय केवल इसी वेतन तक सीमित नहीं रहती, क्योंकि इसके साथ कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं।

किन-किन भत्तों का मिलता है लाभ?

बिहार के विधायकों को बेसिक सैलरी के अलावा कई तरह के भत्ते मिलते हैं, जिनकी वजह से उनकी कुल मासिक आय काफी बढ़ जाती है।

मुख्य भत्ते इस प्रकार हैं—

  • बेसिक सैलरी – ₹50,000 प्रतिमाह
  • चुनाव क्षेत्र (कांस्टीट्यूएंसी) भत्ता – ₹55,000 प्रतिमाह
  • स्टेशनरी भत्ता – ₹15,000 प्रतिमाह
  • पर्सनल असिस्टेंट (PA) भत्ता – ₹40,000 प्रतिमाह
  • हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) भत्ता – ₹29,000 प्रतिमाह
  • सदन की बैठक में भाग लेने पर – ₹3,000 प्रतिदिन

इन सभी भत्तों को जोड़ने पर एक विधायक की मासिक आय लगभग 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है। यदि विधानसभा सत्र अधिक दिनों तक चलता है, तो दैनिक भत्तों के कारण यह राशि और बढ़ जाती है।

यात्रा और वाहन की विशेष सुविधाएं

विधायकों को वेतन के अलावा यात्रा संबंधी कई सुविधाएं भी मिलती हैं।

उन्हें रेल और हवाई यात्रा के लिए सालाना लगभग 4 लाख रुपये तक की सुविधा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त यदि विधायक नई गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो सरकार की ओर से 25 लाख रुपये तक का वाहन ऋण (व्हीकल लोन) आसान शर्तों पर उपलब्ध कराया जाता है।

इसके अलावा निजी एवं आधिकारिक यात्राओं के लिए भी अलग से यात्रा भत्ते दिए जाते हैं।

सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं

बिहार के सभी विधायकों को राजधानी पटना में सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें शामिल हैं

  • सरकारी आवास
  • बिजली और पानी का खर्च
  • टेलीफोन एवं संचार सुविधा
  • कार्यालय संचालन में सहायता
  • सुरक्षा के लिए पुलिस गार्ड
  • सरकारी कार्यक्रमों में विशेष प्रोटोकॉल

इन सुविधाओं का उद्देश्य विधायकों को अपने क्षेत्र और विधानसभा संबंधी कार्यों को बेहतर ढंग से करने में सहायता प्रदान करना होता है।

इलाज और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं

विधायकों और उनके परिवार को चिकित्सा संबंधी विशेष सुविधाएं भी मिलती हैं।

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त अथवा रियायती इलाज की सुविधा उपलब्ध रहती है। कई मामलों में आवश्यक चिकित्सा खर्च का भुगतान भी सरकार द्वारा किया जाता है। इससे विधायक और उनके परिवार को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिलता है।

क्या चुनाव हारने के बाद भी मिलती है पेंशन?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि कोई विधायक अगला चुनाव हार जाए तो क्या उसे कोई सुविधा मिलती है?

बिहार में नियमों के अनुसार एक बार विधायक बनने के बाद पूर्व विधायक को लगभग 45,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। यह पेंशन निर्धारित नियमों के अनुसार जीवनभर मिलती है। कुछ परिस्थितियों में परिवार को भी संबंधित प्रावधानों के तहत लाभ दिया जा सकता है।

देश में सबसे ज्यादा सैलरी किस राज्य के विधायकों को मिलती है?

भारत में विधायकों का वेतन हर राज्य में अलग-अलग है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना के विधायकों को देश में सबसे अधिक वेतन और भत्ते मिलते हैं, जहां कुल मासिक पैकेज लगभग 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाता है।

इसके अलावा महाराष्ट्र, केरल और उत्तर प्रदेश में भी विधायकों की मासिक आय 2 लाख रुपये से अधिक है। वहीं दिल्ली के विधायकों का वेतन अपेक्षाकृत कम है। बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में वेतन और भत्तों को मिलाकर कुल मासिक आय सामान्यतः 1.25 लाख से 1.6 लाख रुपये के बीच रहती है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। विधायक बनने के बाद उन्हें बिहार सरकार द्वारा निर्धारित वेतन, विभिन्न भत्ते, सरकारी आवास, यात्रा सुविधा, चिकित्सा सुविधा और अन्य कई लाभ मिलेंगे। हालांकि विधायक की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है, लेकिन विभिन्न भत्तों को जोड़ने पर उनकी कुल मासिक आय लगभग डेढ़ लाख रुपये या उससे अधिक हो जाती है। आने वाले समय में प्रशांत किशोर की राजनीतिक भूमिका और जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

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