जमशेदपुर: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की समीक्षा को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के चयनित मतदान केंद्रों पर चल रहे क्षेत्रीय कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि SIR के दौरान मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए बीएलओ को अपने-अपने मतदान क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से नजरी नक्शा तैयार कर घर-घर भ्रमण, परिवारवार विवरण का संधारण और प्रत्येक मकान की संख्या दर्ज करने पर जोर दिया।
किन विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ से हुई बातचीत
ऑनलाइन समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ से सीधे बातचीत कर उनके क्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई। इस दौरान निम्न विधानसभा क्षेत्रों के चयनित मतदान केंद्रों के बीएलओ से वार्तालाप किया गया।

- 44-बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 78, 210, 211 एवं 310
- 45-घाटशिला विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 64, 74 एवं 82
- 46-पोटका विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 67, 215 एवं 370
- 47-जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 197, 410 एवं 200
- 48-जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 65, 126 एवं 266
- 49-जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र: मतदान केन्द्र संख्या 416 एवं 417
उपायुक्त ने संबंधित बीएलओ से उनके क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आगामी गतिविधियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
नजरी नक्शा के आधार पर होगा घर-घर सर्वेक्षण
उपायुक्त ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने मतदान क्षेत्र का नजरी नक्शा तैयार करें। इसके बाद उसी नक्शे के आधार पर क्षेत्र में घर-घर भ्रमण कर परिवारों एवं मतदाताओं से संपर्क स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि नजरी नक्शा तैयार होने से बीएलओ को अपने मतदान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति समझने में आसानी होगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी घर, परिवार या पात्र नागरिक सत्यापन प्रक्रिया से छूट न जाए।
परिवारवार Family Grouping करने का निर्देश
SIR के तहत मतदाता सूची को व्यवस्थित करने के लिए उपायुक्त ने Family Grouping पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नजरी नक्शे के आधार पर प्रत्येक परिवार का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाए।
परिवारवार विवरण के संधारण से एक ही परिवार के सदस्यों की जानकारी को व्यवस्थित तरीके से सत्यापित करने में मदद मिलेगी। इससे मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य आवश्यक विवरणों की जांच भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
प्रत्येक मकान का वास्तविक या Notional House Number होगा दर्ज
उपायुक्त ने बीएलओ को निर्देश दिया कि क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक मकान का वास्तविक अथवा Notional House Number अंकित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदान क्षेत्र के हर मकान की पहचान स्पष्ट होना जरूरी है। जिन स्थानों पर वास्तविक मकान संख्या उपलब्ध नहीं है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Notional House Number दर्ज किया जाए। इसका उद्देश्य मतदान क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक परिवार और पात्र नागरिक का व्यवस्थित सत्यापन सुनिश्चित करना है।
पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ने पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि SIR का महत्वपूर्ण उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और व्यवस्थित करना है। इसलिए बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि घर-घर भ्रमण के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाए, जिनका नाम अभी मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराने और आवेदन प्राप्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।
Form 6 और Form 8 की प्रक्रिया पर भी जोर
उपायुक्त ने बीएलओ को निर्देश दिया कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और आवश्यक संशोधन के लिए संबंधित प्रपत्रों की जानकारी दी जाए।
विशेष रूप से Form 6 और Form 8 से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बीएलओ को कहा गया कि नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया के संबंध में उचित जानकारी दें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके आवेदन प्राप्त करने में सहयोग करें।
इस दौरान मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।

सिर्फ एक स्थान पर बैठकर काम नहीं करेंगे BLO
उपायुक्त ने बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे केवल निर्धारित स्थान पर बैठकर क्षेत्रीय कार्य पूरा करने की कोशिश न करें। उन्हें नियमित रूप से अपने मतदान क्षेत्र में भ्रमण करना होगा और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करना होगा।
उन्होंने कहा कि SIR की सफलता के लिए बीएलओ का जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। घर-घर संपर्क के माध्यम से ही मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान और विवरण का सही सत्यापन किया जा सकता है।
BLO के कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा किए जा रहे क्षेत्रीय भ्रमण और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां किसी बीएलओ को कार्य के दौरान तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है, वहां उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य SIR के तहत चल रहे कार्यों को निर्धारित समय-सीमा और प्रक्रिया के अनुसार पूरा कराना है।
प्रारूप मतदाता सूची के बाद दावा-आपत्ति का मिलेगा अवसर
SIR के तहत प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को दावा और आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इस अवधि के दौरान नागरिक अपने नाम, पते, विवरण या मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटि को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और परिवार के पात्र सदस्यों के नाम की जांच जरूर करें।
मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें
जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से विशेष अपील की गई है कि वे अपने एवं अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की जांच करें।
अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या किसी मतदाता के नाम अथवा विवरण में त्रुटि है, तो निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को बेहतर बनाना
विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर सत्यापन, परिवारवार विवरण, मकान संख्या और पात्र नागरिकों की पहचान जैसे कार्य इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल हों और मतदाता से संबंधित विवरण सही एवं व्यवस्थित रूप से दर्ज किए जाएं।
SIR को लेकर आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने बीएलओ को जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने नजरी नक्शा के आधार पर घर-घर भ्रमण, Family Grouping, प्रत्येक मकान का वास्तविक अथवा Notional House Number दर्ज करने और सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने पर विशेष जोर दिया।
साथ ही बीएलओ को Form 6 और Form 8 से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने तथा मतदाता सूची के दावे और आपत्तियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को बीएलओ के कार्यों की नियमित निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपने और अपने परिवार के पात्र सदस्यों के नाम की जांच करें तथा किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति होने पर निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें।


















