
जमशेदपुर: World पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल (एमएनपीएस) में उत्साह, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष World पर्यावरण दिवस का आयोजन टुगेदर फॉर अ ग्रीनर टुमारो” (एक हरित भविष्य के लिए साथ मिलकर) थीम पर किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छ पर्यावरण के महत्व को रेखांकित किया गया।
World पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान के प्रति संवेदनशील बनाना था। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जल संकट और प्लास्टिक प्रदूषण जैसी समस्याएं पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरी हैं।
ऐसे में बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी सोच के साथ विद्यालय में कई रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में लिया उत्साहपूर्वक भाग
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने कई रोचक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत पौधारोपण अभियान, पर्यावरण जागरूकता भाषण, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट गतिविधि तथा परिवार आधारित हरित पहल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विद्यार्थियों ने अपने विचारों और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में बच्चों ने प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
वहीं “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी सामग्री में बदलकर पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) का महत्व समझाया।
परिवारों की सहभागिता बनी विशेष आकर्षण
इस वर्ष के कार्यक्रम की एक विशेषता परिवार आधारित हरित पहल भी रही। विद्यार्थियों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे-छोटे प्रयासों को साझा किया।
इन पहलों में घरों में पौधे लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, जल संरक्षण के उपाय अपनाना तथा जैविक कचरे का उचित प्रबंधन जैसे कार्य शामिल थे। इससे यह संदेश गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल विद्यालय या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है।

विद्यालय परिसर में चलाया गया पौधारोपण अभियान
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण विद्यालय परिसर में आयोजित पौधारोपण अभियान रहा। इस अभियान में विद्यालय के चेयरमैन अखिलेश दुबे, संयुक्त सचिव एस. एस. मिश्रा तथा प्राचार्या संगीता सिंह ने पौधे लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पौधारोपण केवल एक प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है। प्रत्येक पौधा भविष्य में स्वच्छ वायु, हरियाली और बेहतर पर्यावरण का आधार बनेगा।
विद्यालय प्रबंधन ने दिया प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन अखिलेश दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं, पानी की बचत करें तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
संयुक्त सचिव एस. एस. मिश्रा ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं। यदि बचपन से ही उनमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जाए तो भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।

इको क्लब की भूमिका रही महत्वपूर्ण
विद्यालय के इको क्लब ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इको क्लब की मॉडरेटर शिक्षिका मोली देब और परोमा गुप्ता के मार्गदर्शन में सभी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
दोनों शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का कार्य किया। उनकी प्रेरणा से विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ भाग लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने इको क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी जिम्मेदार बनाती हैं।
पर्यावरण संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने प्रकृति की रक्षा करने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छ और हरित वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में ऐसे कदम उठाएंगे, जो पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।
हरित भविष्य की दिशा में सार्थक पहल
World पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करते हैं।
मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित यह पहल इस बात का उदाहरण है कि शैक्षणिक संस्थान किस प्रकार पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया।










