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Jamshedpur पुलिस की बड़ी बैठक थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति

On: July 5, 2026 7:55 PM
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जमशेदपुर: Jamshedpur पूर्वी सिंहभूम जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने, थाना स्तर पर जनता के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने तथा अपराध नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण की उपस्थिति में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सहायक पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस उपाधीक्षक, अंचल निरीक्षक और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।

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प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 05 जुलाई 2026 को आयोजित इस बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले की समूची पुलिस टीम को स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिसिंग केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आम जनता के साथ संवेदनशील, भरोसेमंद और जवाबदेह व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है। बैठक के दौरान थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ थाने में आने वाले हर व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और उसकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।

एक टीम की तरह काम करें SSP का स्पष्ट संदेश

बैठक की शुरुआत में वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को एक टीम की तरह कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, जनता का विश्वास जीतने और पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधारने के लिए समन्वय, अनुशासन और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी बन सकती है जब सभी स्तरों पर तैनात अधिकारी आपसी तालमेल के साथ काम करें और हर सूचना, हर शिकायत तथा हर चुनौती को गंभीरता से लें।

SSP ने स्पष्ट किया कि थाना, अंचल, अनुमंडल और जिला स्तर के बीच बेहतर समन्वय से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल का प्रत्येक सदस्य अपनी जिम्मेदारी को केवल एक प्रशासनिक कर्तव्य के रूप में न देखे, बल्कि इसे जनता की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में निभाए। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना भी है।

थाने में आने वाले आगंतुकों से अच्छा व्यवहार करने का निर्देश

बैठक का एक महत्वपूर्ण बिंदु थाना स्तर पर जनता के साथ व्यवहार को लेकर रहा। वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाने में आने वाले आगंतुकों और शिकायतकर्ताओं से अच्छा व्यवहार किया जाए। उन्हें कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को थाने में उपेक्षा, असम्मान या असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। थाने में आने वाले लोगों का स्वागत विनम्रता से किया जाए, उन्हें बैठने की सुविधा दी जाए और ठंडा पानी ऑफर किया जाए।

यह निर्देश पुलिसिंग के मानवीय पक्ष को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। SSP ने स्पष्ट किया कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या, तनाव या उम्मीद के साथ पुलिस के पास पहुंचता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का दायित्व है कि वे उसकी बात गंभीरता से सुनें, आवश्यक जानकारी लें और उसकी समस्या के समाधान के लिए तत्काल व उचित कार्रवाई करें। यदि कोई व्यक्ति पुलिस से न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर आता है, तो उसे सकारात्मक अनुभव मिलना चाहिए। यह निर्देश जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अवैध जुआ, लॉटरी, ड्रग्स और बालू कारोबार पर सख्त चेतावनी

बैठक में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, ड्रग्स या अवैध बालू कारोबार पाया जाता है, तो इसके लिए संबंधित थाना प्रभारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्देश पुलिस प्रशासन की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें थाना स्तर पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है। अवैध जुआ और लॉटरी जैसी गतिविधियां जहां सामाजिक अपराध और आर्थिक शोषण को बढ़ावा देती हैं, वहीं ड्रग्स का कारोबार युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा है। इसी प्रकार अवैध बालू कारोबार कानून-व्यवस्था, पर्यावरण और प्रशासनिक नियंत्रण तीनों के लिए चुनौती बनता रहा है। SSP ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब इन गतिविधियों पर नजर रखने और इनके खिलाफ कार्रवाई करने में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

अवैध हथियारों और प्रतिबंधित हथियारों के खिलाफ लगातार चलेगी एंटी क्राइम चेकिंग

बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए अवैध अग्नेयास्त्र, अवैध चाकू एवं अन्य प्रतिबंधित हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर एंटी क्राइम चेकिंग चलाएं, ताकि अपराध की तैयारी, हथियारों की आवाजाही और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।

SSP ने कहा कि कई आपराधिक घटनाओं में अवैध हथियारों की भूमिका सामने आती है, इसलिए इन पर सख्ती बेहद आवश्यक है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि संदिग्ध व्यक्तियों, संदिग्ध वाहनों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए। नियमित जांच, छापेमारी और चेकिंग के माध्यम से अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हथियारों के विरुद्ध कार्रवाई केवल औपचारिकता न हो, बल्कि ठोस और परिणाम देने वाली होनी चाहिए।

दागी अपराधियों और गुंडा पंजी में दर्ज लोगों पर विशेष निगरानी

बैठक में अपराध नियंत्रण के एक और महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा हुई—दागी अपराधियों और गुंडा पंजी में दर्ज व्यक्तियों की निगरानी। वरीय पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि थाना स्तर पर ऐसे सभी दागियों को नियमित रूप से थाना हाजिरी कराई जाए और उन्हें भविष्य में अपराध नहीं करने की सख्त हिदायत दी जाए। यह कदम अपराध की पुनरावृत्ति रोकने और असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक व प्रशासनिक दबाव बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि कई बार पुराने अपराधी और हिस्ट्रीशीटर सीधे किसी घटना में शामिल न होकर भी स्थानीय स्तर पर अपराधी तंत्र को सक्रिय रखते हैं। ऐसे में उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी, सत्यापन और थाने में हाजिरी सुनिश्चित करना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है। SSP ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों, संपर्कों और क्षेत्रीय प्रभाव पर भी नजर रखी जाए, ताकि किसी संभावित आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सके।

24 घंटे पेट्रोलिंग पर जोर PCR और टैंगो मोबाइल को सक्रिय रखने का निर्देश

बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए थाना गश्ती, पीसीआर और टैंगो मोबाइल को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। SSP ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी केवल थानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सड़कों, बाजारों, संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार दिखनी चाहिए। नियमित और प्रभावी पेट्रोलिंग अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और आम लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका है।

उन्होंने कहा कि दिन और रात दोनों समय पुलिस गश्ती को गंभीरता से लिया जाए और गश्ती दल केवल औपचारिक रूप से घूमने के बजाय संवेदनशील बिंदुओं, संभावित अपराध क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दें। PCR और टैंगो मोबाइल की सक्रियता से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी। इससे चोरी, लूट, छिनतई, सड़क अपराध और अन्य घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

बैंक, एटीएम, ज्वैलरी शॉप और पेट्रोल पंप पर विशेष निगरानी

वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक में जिले के बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थान, ज्वैलरी शॉप और पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि अक्सर अपराधी ऐसे स्थानों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। थाना प्रभारियों से कहा गया कि वे अपने क्षेत्र में स्थित ऐसे सभी महत्वपूर्ण संस्थानों की सूची अपडेट रखें, वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें और नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

यह निर्देश विशेष रूप से आर्थिक अपराधों, लूट, छिनतई और संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बैंक और एटीएम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने और ज्वैलरी दुकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने से अपराध की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। पुलिस प्रशासन चाहता है कि इन स्थानों पर अपराध की कोई भी आशंका बनने से पहले ही उसे रोक दिया जाए।

जनता आधारित और जवाबदेह पुलिसिंग की ओर बढ़ता पूर्वी सिंहभूम पुलिस प्रशासन

इस बैठक से साफ संकेत मिलता है कि पूर्वी सिंहभूम पुलिस प्रशासन अब जनता आधारित, जवाबदेह और सख्त पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक ओर जहां पुलिस अधिकारियों को जनता से बेहतर व्यवहार, शिकायतों के त्वरित समाधान और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया गया है, वहीं दूसरी ओर अवैध कारोबार, अपराधियों, हथियारों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है।

पुलिसिंग के इन दोनों पक्षों—संवेदनशीलता और सख्ती—का संतुलन ही किसी जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाता है। यदि थाने में आने वाला आम नागरिक सम्मान और भरोसे का अनुभव करे, और दूसरी ओर अपराधी यह महसूस करें कि पुलिस पूरी तरह सक्रिय, सतर्क और कठोर है, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति स्वतः मजबूत होती है। SSP की इस बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अपराध नियंत्रण और जनविश्वास दोनों पर साथ-साथ फोकस

05 जुलाई 2026 को हुई इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि पूर्वी सिंहभूम पुलिस अब केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अपराध रोकथाम, जनसंपर्क, निगरानी और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना चाहती है। थाना प्रभारियों को जनता से अच्छा व्यवहार करने, अवैध गतिविधियों पर सख्ती, दागी अपराधियों की निगरानी, 24 घंटे पेट्रोलिंग और संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर रखने के जो निर्देश दिए गए हैं, वे आने वाले समय में जिले की पुलिसिंग शैली को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

आम लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बैठक में दिए गए निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी गंभीरता से लागू होते हैं। यदि थाना स्तर पर व्यवहार में बदलाव, अवैध कारोबार पर कार्रवाई, पेट्रोलिंग की सक्रियता और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी वास्तव में बढ़ती है, तो इसका सकारात्मक असर जिले की कानून-व्यवस्था और जनता के विश्वास—दोनों पर दिखाई देगा। फिलहाल, इस बैठक ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि पूर्वी सिंहभूम पुलिस प्रशासन अपराध पर नियंत्रण और जनता के भरोसे को मजबूत करने के लिए एक नई कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना चाहता है।

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