
नई दिल्ली। भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा प्रतिष्ठित “यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड” से सम्मानित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए मेजर बराक की उपलब्धि को भारत और भारतीय सेना के लिए गर्व का क्षण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मेजर अभिलाषा बराक को यह सम्मान मिलना उनके उत्कृष्ट कार्यों और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भारत के लंबे एवं महत्वपूर्ण योगदान की पहचान है। उन्होंने कहा कि मेजर बराक की उपलब्धि देश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, जो राष्ट्र और मानवता की सेवा का सपना देखती हैं।
वर्तमान में मेजर अभिलाषा बराक संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) में एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस जिम्मेदारी के तहत वह शांति स्थापना अभियानों में महिलाओं की भागीदारी, लैंगिक समानता और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह सम्मान न केवल मेजर अभिलाषा बराक के समर्पण और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की दशकों पुरानी प्रतिबद्धता और योगदान को भी दर्शाता है। भारत लंबे समय से दुनिया के विभिन्न संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की उन महिला अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और नेतृत्व से नई पहचान बनाई है। उनका यह सम्मान महिला सशक्तिकरण और भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक माना जा रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। साथ ही यह उन युवा महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सेना, सुरक्षा सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में करियर बनाने का सपना देखती हैं।
मेजर अभिलाषा बराक को मिला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत के लिए गर्व का विषय है और यह साबित करता है कि भारतीय महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।












