
- चलती जनशताब्दी एक्सप्रेस में दिल दहला देने वाली घटना, डेढ़ माह के मासूम को ट्रेन से फेंका; मौत, दूसरे बच्चे की बची जान
चाईबासा/चक्रधरपुर: पश्चिम सिंहभूम जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला ने अपने डेढ़ माह के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महिला द्वारा दूसरे तीन वर्षीय बच्चे को भी बाहर फेंकने की कोशिश को यात्रियों ने समय रहते विफल कर उसकी जान बचा ली।

मिली जानकारी के अनुसार यह भयावह घटना बुधवार को ट्रेन संख्या 12021 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन में सफर कर रही महिला अचानक अपनी गोद में मौजूद डेढ़ माह के नवजात को खिड़की से बाहर फेंक बैठी। घटना इतनी अचानक हुई कि यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मासूम ट्रेन से नीचे गिर चुका था।
यात्रियों की सतर्कता से दूसरे बच्चे की बची जान
बताया जा रहा है कि नवजात को फेंकने के तुरंत बाद महिला ने अपने तीन वर्षीय दूसरे बच्चे को भी खिड़की की ओर खींच लिया और उसे बाहर फेंकने का प्रयास किया। हालांकि कोच में मौजूद यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को बचा लिया और महिला को पकड़ लिया। इसके बाद यात्रियों ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी को घटना की सूचना दी।
रेलवे ट्रैक किनारे मिला मासूम का शव
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीम सक्रिय हुई। महालीमरूप और राजखरसावां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर सर्च अभियान चलाया गया। काफी खोजबीन के बाद झाड़ियों के बीच नवजात का शव बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
महिला हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस के अनुसार महिला की पहचान पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव क्षेत्र निवासी मुद्रावती गोप, जिसका परिवर्तित नाम हसीना बेगम बताया जा रहा है, के रूप में हुई है। वहीं उसका पति शाहबुद्दीन पश्चिम बंगाल का निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक दोनों पिछले कुछ वर्षों से हैदराबाद में रह रहे थे और हाल ही में अपने बच्चों के साथ मझगांव लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि करीब चार वर्ष पहले शाहबुद्दीन महिला को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया था। शादी के बाद महिला का नाम बदलकर हसीना बेगम रख दिया गया था।
महिला के परिजनों ने पहले ही मझगांव थाने में शाहबुद्दीन के खिलाफ बेटी को भगाकर शादी करने का मामला दर्ज कराया था। बताया जा रहा है कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण यह दंपती वापस गांव लौट रहा था और इसी दौरान यह दर्दनाक वारदात हुई।
फिलहाल आरोपी महिला को चाईबासा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया गया है। जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उससे पूछताछ कर रही है।
कई पहलुओं पर जांच जारी
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक मां अपनी ही संतान की जान लेने पर क्यों उतारू हो गई। जांच में मानसिक तनाव, प्रसव के बाद अवसाद (Postpartum Depression), पारिवारिक कलह और सामाजिक दबाव जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लोग गहरे दुख और हैरानी के साथ यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर कोई मां अपनी ही संतान के साथ इतनी निर्मम कैसे हो सकती है।















