
- नशे के कारोबार पर सख्ती, युवाओं की गतिविधियों पर अभिभावकों की निगरानी और कानून के सम्मान की संस्कृति विकसित करने पर दिया जोर
जमशेदपुर । भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, जिला पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) ने 28 जून 2026 को शहर में हुई चर्चित हिंसक घटना और उसमें एक युवक की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए समाज, प्रशासन, अभिभावकों और राजनीतिक दलों से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं केवल पीड़ित परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता और आत्ममंथन का विषय हैं।

एसोसिएशन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। घटना के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किए जाने से आम जनता में कुछ हद तक विश्वास बहाल हुआ है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील
संगठन ने सभी अभिभावकों से हाथ जोड़कर अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों, चाहे पुत्र हों या पुत्री, की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें। यदि बच्चे देर रात तक घर से बाहर रहते हैं तो उनके प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए उचित मार्गदर्शन और अनुशासन सुनिश्चित करें।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि युवावस्था का जोश, गलत संगति और क्षणिक आवेश कई बार ऐसे फैसलों का कारण बन जाते हैं, जिनका खामियाजा पूरे परिवार को जीवनभर भुगतना पड़ता है। वर्तमान घटना में जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया या संकट में देखा है, उनकी पीड़ा पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
राजनीतिक दलों से भी की जिम्मेदारी निभाने की अपील
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं को कानून का सम्मान करने और अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करें। संगठन का कहना है कि किसी भी गलत कार्य का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब सही को सही और गलत को गलत कहने की संस्कृति विकसित होगी।
नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि नशे की लत युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है, जिसके कारण चोरी, मारपीट, हिंसा और अन्य गंभीर अपराधों में वृद्धि देखने को मिल रही है। इसलिए संबंधित कानूनों का कड़ाई से पालन करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
समाज को घटना से सीख लेने की जरूरत
संगठन ने कहा कि इस दुखद घटना से पूरे समाज को सीख लेने की आवश्यकता है। प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया कि एक होनहार युवा हिमांशु अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि दूसरे युवक प्रत्युष का जीवन भी इस घटना के कारण गंभीर संकट में पड़ गया है। ऐसी परिस्थितियां किसी भी परिवार के साथ न हों, इसके लिए समाज, अभिभावकों, प्रशासन, राजनीतिक दलों और प्रत्येक नागरिक को अपनी-अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी।
शांति, कानून के सम्मान और नशामुक्त समाज के लिए प्रतिबद्ध
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, जिला पूर्वी सिंहभूम ने अपने बयान में दोहराया कि संगठन समाज में शांति, कानून के प्रति सम्मान, नशामुक्ति अभियान तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। साथ ही सभी नागरिकों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।












