
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आमतौर पर घरेलू हिंसा या उत्पीड़न के मामलों में महिलाएं पीड़ित होती हैं, लेकिन इस मामले में तस्वीर उलट दिखाई दे रही है। पीड़ित पति का आरोप है कि उसकी पत्नी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी और जबरदस्ती ऐसे संबंधों के लिए दबाव बनाती थी, जिनसे वह असहज था।

शिकायत के अनुसार, मामला अमृतहल्ली थाना क्षेत्र का है, जहां पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी उसे लगातार मानसिक तनाव देती थी और उसकी इच्छा के विरुद्ध कई तरह के दबाव डालती थी। उसने आरोप लगाया कि पत्नी न केवल खुद उस पर दबाव बनाती थी, बल्कि अपनी एक दोस्त के साथ संबंध बनाने के लिए भी मजबूर करती थी। पति के अनुसार, उसे आपत्तिजनक वीडियो भेजे जाते थे और उनमें दिखाई गई गतिविधियों को अपनाने के लिए कहा जाता था। इतना ही नहीं, निजी पलों को अन्य लोगों के साथ साझा करने के लिए भी दबाव बनाया जाता था, जिससे वह बेहद परेशान और असहज महसूस करता था।
पति ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी ने खुद स्वीकार किया था कि उसके पहले भी अन्य लोगों से संबंध रहे हैं और वर्तमान में भी वह ऐसे संबंधों में शामिल है। उसने यह भी कहा कि पत्नी अक्सर उसके आर्थिक हालात का मजाक उड़ाती थी और कहती थी कि उसकी आय उसके लाइफस्टाइल के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, उसने पत्नी पर शराब पीने और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताने का भी आरोप लगाया। जब भी वह इन बातों का विरोध करता, तो उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता था।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। पीड़ित पति ने अपने ससुराल पक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, 4 जुलाई 2024 को दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। उसने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वालों ने उसकी वैवाहिक जिंदगी में दखल दिया, उसे धमकाया और अंततः उसे घर से बाहर निकाल दिया। उसने यह भी कहा कि जब उसे घर से निकाला गया, तब उसे अपना सामान तक साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
पति ने यह भी आरोप लगाया कि उसने अपनी पत्नी को काफी मात्रा में नकदी और सोने के आभूषण दिए थे, जो अब तक उसे वापस नहीं मिले हैं। साथ ही, उसके महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी कागजात भी उसके पास नहीं हैं, जिन्हें लौटाने से इनकार किया जा रहा है।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला कई स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ यह दिखाता है कि घरेलू विवाद और मानसिक प्रताड़ना केवल एक पक्ष तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पुरुष भी इसका शिकार हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, यह घटना रिश्तों में बढ़ती जटिलताओं और आपसी विश्वास की कमी को भी उजागर करती है। समाज में ऐसे मामलों को लेकर जागरूकता और संवेदनशीलता दोनों की जरूरत है, ताकि किसी भी पीड़ित को न्याय मिल सके, चाहे वह पुरुष हो या महिला।
फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे विवाद के पीछे की असल कहानी क्या है।














