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IAS अधिकारी धिमन चकमा रिश्वत मामले में गिरफ्तार, घर से बरामद हुए 47 लाख रुपये

On: June 9, 2025 9:31 PM
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📍स्थान – धर्मगढ़, कालाहांडी, ओडिशा : ओडिशा के कालाहांडी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 2021 बैच के IAS अधिकारी धिमन चकमा को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) द्वारा की गई। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

🔎 व्यापारी से रिश्वत की मांग, कार्रवाई में धरा गया

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जानकारी के अनुसार, चकमा ने एक स्थानीय व्यापारी से 20 लाख रुपये की घूस मांगी थी। व्यापारी ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही व्यापारी ने 10 लाख रुपये की पहली किश्त दी, चकमा को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।

🧪 वैज्ञानिक जांच से पक्के सबूत

गिरफ्तारी के बाद चकमा के हाथों की रासायनिक जांच (Chemical Test) की गई, जिसमें रिश्वत की रकम छूने के प्रमाण मिले। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने उनके सरकारी निवास और दफ्तर में तलाशी अभियान चलाया, जहां से 47 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। पूछताछ के दौरान चकमा इस रकम का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके चलते पूरी राशि जब्त कर ली गई।

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⚖️ अदालत में पेशी और कानूनी कार्रवाई

धिमन चकमा को 9 जून को कालाहांडी स्थित विजिलेंस अदालत में पेश किया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस थाना में कांड संख्या 6/2025 के तहत यह मामला दर्ज है। जांच एजेंसी अब पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

🧾 पूर्व IFS अधिकारी, बाद में बने IAS

ध्यान देने वाली बात यह है कि धिमन चकमा पहले 2019 बैच के IFS अधिकारी थे और मयूरभंज के बारिपदा में सहायक वन संरक्षक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने बाद में सिविल सेवा परीक्षा पास कर 2021 में IAS सेवा में प्रवेश किया। जनवरी 2024 से वह धर्मगढ़ के उप-जिलाधिकारी (Sub-Collector) के पद पर कार्यरत थे।

📝 विशेष बिंदु:

  • पहली किश्त के तौर पर ली जा रही 10 लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े गए
  • व्यापारी की शिकायत पर विजिलेंस ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया
  • 47 लाख की बेहिसाब नकदी घर से बरामद
  • भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

यह मामला एक बार फिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करता है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसी आगे क्या खुलासे करती है।

रिपोर्ट — द न्यूज़ फ्रेम डेस्क

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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