मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

एनआईटी जमशेदपुर और आईआईटी रुड़की के बीच ऐतिहासिक MoU, शिक्षा और शोध को मिलेगा नया आयाम

On: March 20, 2026 3:38 PM
Follow Us:

जमशेदपुर: देश के दो प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों एनआईटी जमशेदपुर और आईआईटी रुड़की के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।

शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ समझौता

इस MoU पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार और आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सूरजित कुंडू और आईआईटी रुड़की के डॉ. साई रामुडु मेका भी मौजूद रहे।

क्या-क्या होंगे इस समझौते के फायदे?

इस MoU के तहत दोनों संस्थानों के बीच कई महत्वपूर्ण पहल को बढ़ावा मिलेगा—

  • संयुक्त शोध परियोजनाएँ
  • संयुक्त पीएचडी मार्गदर्शन
  • छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम
  • इंटर्नशिप के अवसर
  • स्टार्टअप इनक्यूबेशन को बढ़ावा

सिर्फ कागज नहीं, जमीन पर दिखेगा अस प्रो. सुत्रधार

---Advertisement---
Netaji Advertisement

एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार ने कहा कि यह MoU केवल औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि इसे वास्तविक रूप में लागू किया जाएगा ताकि छात्रों और संकाय सदस्यों को ठोस लाभ मिल सके उन्होंने अनुसंधान पार्क, नवाचार केंद्र और इनक्यूबेशन सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि दोनों संस्थानों के बीच पहले से ही मजबूत शैक्षणिक संबंध हैं, क्योंकि एनआईटी जमशेदपुर के कई संकाय सदस्य आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र रहे हैं।

नवाचार केंद्रों का किया दौरा

इस दौरान प्रो. सुत्रधार और डॉ. सूरजित कुंडू ने आईआईटी रुड़की के—

  • टिंकरिंग लैब
  • डिजाइन एवं नवाचार केंद्र
  • इनक्यूबेशन केंद्र
  • सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI)

का दौरा किया और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा की।

विश्लेषण

एनआईटी जमशेदपुर और आईआईटी रुड़की के बीच यह MoU तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि देश में नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी अगर यह सहयोग प्रभावी रूप से लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में यह साझेदारी राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल अकादमिक कोलैबोरेशन के रूप में उभर सकती है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Leave a Comment