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“फरीद का बसाया हुआ नगर” अब बना चिंता का केंद्र! — शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर सक्रिय हुआ आतंकवाद।

On: November 12, 2025 12:18 PM
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शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर सक्रिय हुआ आतंकवाद।

📍 फरीदाबाद / नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली से महज़ 50 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक नगर फरीदाबाद बना आतंकवाद का गढ़।

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जो कभी सूफी संत बाबा फरीदुद्दीन गंजशकर के नाम पर “फरीद का बसाया हुआ नगर” कहलाता था, आज एक गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरता दिख रहा है।

“फरीद” यानी संत फरीद और “आबाद” यानी बसाया गया स्थान — इस अर्थ में फरीदाबाद वह शहर था जहाँ शांति, शिक्षा और सेवा की संस्कृति फली-फूली। लेकिन अब यही धरती आतंकी गतिविधियों की जड़ बनती जा रही है — यह तथ्य देश को अंदर तक हिला रहा है। यह शहर आतंकियों का अड्डा बन गया है। आतंकियों ने देश का माहौल बिगाड़ दिया है। हाल की खबरों ने देश के सामाजिक दायरे को अंदर तक हिलाकर रख दिया है।

पता चला है कि पकड़े गए आतंकियों ने देश भर में आतंकियों के लिए एक नर्सरी तैयार कर दी है। इसके अलावा, स्वास्थ्य, शिक्षा और भोजन जैसी बुनियादी सेवाएँ भी आतंकवाद की चपेट में आ गई हैं।

इसका ताज़ा उदाहरण हम समाचारों में देख रहे हैं।

“शिक्षा की आड़ में साजिश?” — अल फला यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप

फरीदाबाद की अल फला यूनिवर्सिटी इन दिनों जांच एजेंसियों के निशाने पर है। सूत्रों के अनुसार, यह संस्था शिक्षा के नाम पर विस्फोटक प्रयोग, आतंक की नेटवर्किंग और भर्ती जैसी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाई गई है। पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और प्रयोगशाला से विस्फोटक पदार्थ, टाइमर, रिमोट, बैटरियाँ, वॉकी-टॉकी सेट और ज्वलनशील रसायन बरामद किए हैं।

हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया —

“डॉ. मुजम्मिल की निशानदेही पर एक असॉल्ट राइफल, 3 मैगजीन, 83 जिंदा कारतूस और 360 किलो विस्फोटक जैसा पदार्थ मिला है। यह RDX नहीं, लेकिन अत्यंत खतरनाक ज्वलनशील मिश्रण है।”

यह वही डॉ. मुजम्मिल हैं, जो अल फला यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य से जुड़े थे। उनके साथ फरीदाबाद की एक मस्जिद के इमाम को भी गिरफ्तार किया गया है।

इमाम की पत्नी ने बताया —

“हम यहाँ बीस साल से रह रहे हैं। पुलिस कभी पहले नहीं आई थी। वो सिर्फ इमाम साहब को लेकर गई। डॉक्टर मुजम्मिल नमाज पढ़ने आता था और बाकी डॉक्टर्स के साथ नमाज अदा करता था।”

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में यह मॉड्यूल पकड़ा है।

महिला विंग का खुलासा — डॉ. शाहीन शाहिद पर शक की सुई

सुरक्षा एजेंसियों की जांच में एक बड़ा नाम उभरा है — डॉ. शाहीन शाहिद, जो प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त कर चुकी हैं।

जानकारी के अनुसार, शाहीन को पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा “जमात-उल-मोमिनीन” की भारतीय प्रमुख बनाया गया था।

खुलासे के मुताबिक,

“आतंकी मसूद अजहर की बहन ने शाहीन को महिला विंग की कमान सौंपी थी। शाहीन का काम भारत में महिलाओं की भर्ती, ब्रेनवॉश और नेटवर्क विस्तार करना था।”

उनके पिता सैयद अहमद अंसारी ने मीडिया से कहा,

“मेरे तीन बच्चे हैं। शाहीन और परवेज़ दोनों डॉक्टर हैं। वे मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़े हैं। हमें नहीं पता कि ये सब कैसे हुआ।”

जांच एजेंसियों की व्यापक कार्रवाई

हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ATS और NIA ने अब मिलकर नेटवर्क को खंगालना शुरू किया है। फरीदाबाद से लेकर प्रयागराज तक छापेमारी और गिरफ्तारी की श्रृंखला जारी है। शुरुआती रिपोर्टें बताती हैं कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि देशव्यापी आतंकी नर्सरी का हिस्सा हो सकती है।

सवाल जो देश को झकझोर रहे हैं

  • क्या शिक्षा संस्थान आतंक की प्रयोगशालाएँ बनते जा रहे हैं?
  • क्या डॉक्टर और प्रोफेसर जैसे शिक्षित वर्ग को अब कट्टरपंथी नेटवर्क निशाना बना रहे हैं?
  • क्या हमारे शहरों के भीतर छिपे ये मॉड्यूल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अगला बड़ा खतरा हैं?

कभी संत फरीद की करुणा और आध्यात्मिकता से बसाया गया फरीदाबाद, आज साजिशों के अंधेरे में फँसा हुआ प्रतीत हो रहा है।
लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता ने देश को एक संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। अब ज़रूरत है —
➡️ शिक्षा संस्थानों की कड़ी निगरानी,
➡️ सामाजिक एकजुटता और
➡️ कट्टरपंथ के खिलाफ जागरूक नागरिक भागीदारी की।

क्योंकि आतंकवाद धर्म या इल्म का नहीं, बल्कि मानवता का दुश्मन है। देश के सभी धर्म के मानने वाले नागरिकों का यह परम कर्तव्य है की वे आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो।

✍️ विशेष रिपोर्ट | द न्यूज़ फ्रेम इन्वेस्टिगेशन डेस्क

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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