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Education (शिक्षा) संकाय करीम सिटी कॉलेज में दो दिवसीय अंतरविषयी राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

On: April 23, 2026 12:11 AM
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जमशेदपुर शिक्षा: करीम सिटी कॉलेज के Education संकाय में नई शिक्षा नीति 2020 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। क्वालिटी एजुकेशन इन हाइयर एजुकेशन इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ एन ई पी 2020 विषय इस संगोष्ठी का केंद्र रहा। यह आयोजन उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और नीति के प्रभावों पर विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण है।

संगोष्ठी का उद्घाटन और स्वागत

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22 अप्रैल 2026 को मानगो कैंपस में सुबह 10 बजे पंजीकरण के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्य उद्घाटन सत्र 11 बजे दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत से हुआ। कॉलेज प्राचार्य डॉ. मो. रेयाज ने अतिथियों का स्वागत किया। कन्वेनर डॉ. परवीन उस्मानी ने विषय की उपयोगिता बताई।

देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 200 प्रतिभागी पहुंचे। मंच संचालन डॉ. नुसरत बेगम ने किया। सत्र का समापन शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेता भुइयां के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान से हुआ।

प्रमुख वक्ताओं का संबोधन

इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो. शिबानुर रहमान ने इंटरनेट के माध्यम से कहीं से भी शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल शिक्षा के नए आयामों पर चर्चा की।

की-नोट स्पीकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. राजेश वर्मा ने न्यू कॉलोनाइजेशन के संदर्भ में डाटा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने NEP 2020 में भारतीय ज्ञान व्यवस्था की भूमिका बताई।

मुख्य अतिथि अरका जैन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. प्रो. सैयद सफदर रज़ी ने भारतीय और यूरोपीय शिक्षा व्यवस्था की तुलना की। अपने अनुभव साझा कर प्रतिभागियों को प्रेरित किया।

मुख्य बिंदु

  • NEP 2020 से उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार।
  • डिजिटल टूल्स से पहुंच बढ़ाना।
  • भारतीय ज्ञान प्रणाली का पुनरुद्धार।

लंच के बाद तकनीकी सत्र

लंच ब्रेक के बाद तकनीकी सत्र शुरू हुए, जो शाम 5 बजे तक चले। इन सत्रों में विशेषज्ञों ने NEP के व्यावहारिक प्रभाव, शिक्षक प्रशिक्षण और छात्र केंद्रित शिक्षा पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने सवाल-जवाब में सक्रिय भाग लिया।

नई Education नीति 2020 का महत्व

NEP 2020 उच्च Education में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह बहु-विषयी शिक्षा, लचीलापन और कौशल विकास पर जोर देती है। गुणवत्ता सुधार के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स जैसी पहलें शुरू हुई हैं।

झारखंड जैसे राज्यों में कॉलेज इसे लागू कर छात्रों को वैश्विक स्तर का ज्ञान दे रहे हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भ में जोड़ना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

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करीम सिटी कॉलेज की भूमिका

करीम सिटी कॉलेज Education और सामाजिक गतिविधियों में अग्रणी है। NSS वृक्षारोपण से लेकर कौशल विकास सत्र तक, यह छात्रों को समग्र विकास देता है। ऐसी संगोष्ठियां शिक्षकों और छात्रों को नीति से जोड़ती हैं।

संगोष्ठी के दूसरे दिन की झलक

दूसरा दिन तकनीकी सत्रों, पैनल डिस्कशन और समापन पर केंद्रित होगा। प्रतिभागी NEP के चुनौतियों और समाधानों पर विचार-मंथन करेंगे। प्रमाण पत्र वितरण से समापन होगा।

उच्च शिक्षा में NEP के फायदे

  • लचीली डिग्री प्रणाली।
  • अनुसंधान और नवाचार पर जोर।
  • डिजिटल शिक्षा का विस्तार।
  • कौशल आधारित पाठ्यक्रम।

कॉलेजों को NEP को पूरी तरह लागू करना चाहिए। Education शिक्षक प्रशिक्षण बढ़ाएं। छात्रों को भारतीय ज्ञान से जोड़ें। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करें।

Education संकाय करीम सिटी कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी उच्च शिक्षा के भविष्य को मजबूत करेगी। NEP 2020 से छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। ऐसे आयोजनों से शिक्षा क्रांति आएगी।

डॉ रज़ी ने भारतीय Education व्यवस्था का यूरोपीय Education व्यवस्था से तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया तथा अपने व्यक्तिगत अनुभव को बड़े ही रुचिकर ढंग से प्रतिभागियों के साथ साझा किया।इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रतिभागी पहुंचे। मंच संचालन डॉ नुसरत बेग़म में किया।

सत्र का समापन डॉ. सुचेता भुइयां विभागाध्यक्ष शिक्षा संकाय के ‘धन्यवाद ज्ञापन’ और राष्ट्रगान के साथ हुआ। लंच ब्रेक के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ जो सायं 5 बजे तक चला ।

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