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छठ महापर्व पर करुणामय मंडल की भावनात्मक प्रस्तुति – हे प्रभाकर… उदित भास्कर… ज्योतिर्मय रवि!

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On: October 28, 2025 8:57 PM
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छठ महापर्व पर करुणामय मंडल की भावनात्मक प्रस्तुति
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काव्यांजलि: उदीयमान सूर्य देव को समर्पित काव्यांजलि – छठ महापर्व पर करुणामय मंडल की भावनात्मक प्रस्तुति

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हे प्रभाकर,
  उदित भास्कर,
   ज्योतिर्मय रवि।

हे दिवाकर,
  प्रभात-प्रकाश-कर,
   स्वर्ण रक्तिम छवि।।

हे शुभ शक्ति,
  अंत क्लांति,
   शुभ ऊर्जा प्रवाहक।

हे ध्रुव सत्य,
  चिर अनन्त,
   हे निष्पक्ष विचारक।।

हे सृष्टि शक्ति,
  अरोग्य शक्ति,
   हे सौंदर्य शक्ति सूर्य।

हे प्रातः स्मरणीय,
  चिर वरणीय,
   अनन्त शक्ति पुंज।।

हमें दें शक्ति,
  परम शांति,
   समृद्धि सुख वैभव।

शुभ सुसंस्कार,
  दें सद्विचार,
   अमृत अमरत्व गौरव।।

सह आस्था भक्ति,
  करें उदय आरती,
   उषा अर्घ्य अर्पण।

छठ सुप्रभात,
  व्रती भक्ति साथ,
   महोत्सव समापन।।

उदीयमान सूर्य देव को सभक्ति अर्घ्य अर्पण के साथ, सत्य एवं ऊर्जा के प्रतीक भगवान भास्कर और ममता की प्रतिमूर्ति छठी मईया के पावन व्रत “छठ” के समापन के अवसर पर — सभी व्रतियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।

भावार्थ:
इस कविता में कवि ने सूर्य देव की महिमा और शक्ति का अत्यंत भक्ति भाव से वर्णन किया है। कवि उन्हें प्रभाकर, भास्कर, दिवाकर कहकर संबोधित करता है — जो प्रकाश और जीवन के स्रोत हैं। सूर्य की सुनहरी और रक्तिम किरणें सृष्टि को आलोकित करती हैं, जो केवल प्रकाश ही नहीं बल्कि जीवन, ऊर्जा और प्रेरणा भी देती हैं।

कवि कहता है कि सूर्य शुभ शक्ति हैं, जो थके हुए जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। वे ध्रुव सत्य यानी अडिग और शाश्वत हैं — निष्पक्ष, समान रूप से सब पर प्रकाश डालने वाले, जो कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं करते।

आगे कवि सूर्य को सृष्टि की शक्ति, आरोग्य की शक्ति और सौंदर्य की शक्ति बताता है। उनके बिना जीवन असंभव है — वे ही स्वास्थ्य, संतुलन और सौंदर्य के आधार हैं। सूर्य देव का प्रतिदिन स्मरण करना शुभ और जीवनदायी है, क्योंकि वे अनन्त शक्ति का पुंज हैं।

अंत में कवि सूर्य देव से प्रार्थना करता है कि वे सभी को शक्ति, शांति, समृद्धि, सुसंस्कार और सद्विचार प्रदान करें ताकि जीवन में अमरता, गौरव और आत्मिक सुख बना रहे।छठ पर्व के अवसर पर, जब व्रती और भक्तगण उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं, तब यह कविता उस पवित्र क्षण की आध्यात्मिक भावना को दर्शाती है — जहाँ आस्था, भक्ति और कृतज्ञता का मिलन होता है, और सूर्य देव के प्रति समर्पण से जीवन में उजाला और कल्याण की कामना की जाती है।

— करुणामय मंडल एवं श्रीमती प्रतिमा रानी मंडल
(पूर्व जिला पार्षद, पोटका, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड)

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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