
– घर के पास बांस काट रहे ग्रामीण को हाथी ने कुचला, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
गिरिडीह: जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़ैया विहार (गदियाबिहार) गांव में बुधवार को हाथी के हमले से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय कौसर अंसारी के रूप में हुई है, जो गांव के ही निवासी थे। बताया जा रहा है कि कौसर अंसारी अपने घर के समीप बांस काट रहे थे, तभी झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी अचानक वहां पहुंच गया और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने उन्हें पैरों तले कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि इलाके में हाथी के घूमने की सूचना पहले ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के सिपाहियों ने सूचना देने पहुंचे लोगों से ठीक तरीके से बातचीत तक नहीं की।
ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन
कौसर अंसारी की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते विभाग सक्रिय होता, तो एक जान बचाई जा सकती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुखिया बाबू यादव, माले नेता सोनू पांडेय, हरेंद्र सिंह, बगोदर क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के दबाव के बाद वन विभाग ने तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि पोस्टमार्टम के बाद देने का आश्वासन दिया। साथ ही सहायता कोष से चार लाख रुपये तक मुआवजा दिलाने की बात भी कही गई।
पोस्टमार्टम को लेकर हुआ विवाद
घटना के बाद जब मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए शव भेजने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पहले उचित मुआवजे और प्रशासनिक कार्रवाई का भरोसा दिया जाए।
स्थिति को संभालने के लिए बड़की सरिया नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि फागू पंडित और झामुमो नेता शत्रुध्न मंडल ने ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। बताया गया कि झामुमो के राष्ट्रीय सदस्य शत्रुध्न मंडल ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बगोदर भेजा गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ग्रामीणों के अनुसार कौसर अंसारी अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
वहीं हाथी की मौजूदगी के कारण पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने तथा गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।














