धनबाद । धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। फेम इंडिया–एशिया पोस्ट की ओर से जारी देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। इस सूची में झारखंड के कुल पांच पुलिस अधिकारियों को स्थान मिला है।
प्रभात कुमार के अलावा झारखंड से पाकुड़ के SP अनुदीप सिंह, विशेष शाखा के SP हृदीप पी. जनार्दन, गिरिडीह के SP डॉ. बिमल कुमार और सिमडेगा के SP श्रीकांत सुरेशराव कोत्रे भी इस राष्ट्रीय सूची में शामिल किए गए हैं।
कई मानकों पर हुआ पुलिस नेतृत्व का आकलन
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के सर्वेक्षण में पुलिस अधिकारियों के मूल्यांकन के लिए केवल अपराध नियंत्रण को आधार नहीं बनाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक कानून-व्यवस्था, नेतृत्व क्षमता, जनमित्र पुलिसिंग, नवाचार, त्वरित निर्णय, संकट प्रबंधन, जवाबदेही, जनसंपर्क और सार्वजनिक छवि जैसे विभिन्न पहलुओं को भी महत्व दिया गया।

धनबाद जैसे जिले में पुलिसिंग की अपनी अलग चुनौतियां हैं। अपराध नियंत्रण के साथ साइबर अपराध, संगठित अपराध, कानून-व्यवस्था और आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी रहती है।
पुलिसिंग में बदलाव पर जोर
एसएसपी प्रभात कुमार के कार्यकाल के दौरान धनबाद पुलिस की ओर से अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर पहल की गई है। इस वर्ष धनबाद पुलिस ने शिकायतों के निपटारे में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। एक रिपोर्ट के अनुसार पीजी पोर्टल पर दर्ज 376 मामलों का निस्तारण किया गया था और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों के लिए प्रोफेशनल पुलिसिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें अनुसंधान, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
अब टॉप-25 पर निगाह
देश के 100 चयनित पुलिस कप्तानों में शामिल अधिकारियों में से आगे टॉप-25 पुलिस कप्तानों की अलग सूची तैयार की जाएगी। चयनित शीर्ष अधिकारियों को विशेष सम्मान दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में झारखंड के पांच अधिकारियों के बाद अब उनकी नजर इस अगली सूची में जगह बनाने पर होगी।
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार का नाम राष्ट्रीय स्तर की इस सूची में शामिल होना धनबाद पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही यह पहचान पुलिस नेतृत्व, अपराध नियंत्रण और जनोन्मुख पुलिसिंग को लेकर जिले में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर सामने लाती है।
ध्यान दें: यह सूची फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के सर्वेक्षण/मूल्यांकन पर आधारित है; इसे सरकारी पदोन्नति या आधिकारिक सरकारी रैंकिंग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।













