जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर पंजाब के एक व्यक्ति से 3.08 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य अहम सामग्री भी बरामद की है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
NCCRP पोर्टल पर शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को बिष्टुपुर स्थित साइबर क्राइम थाना को NCCRP पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता करण जैन, निवासी पटियाला (पंजाब) ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। लिंक खोलते ही साइबर ठगों ने उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खाते से ₹3,08,000 निकाल लिए।
शिकायत के आधार पर 9 जुलाई को डुमरिया थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मुसाबनी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल की मदद से पुलिस ने डुमरिया थाना क्षेत्र के खेरखनी-बांकीशोल गांव में छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क में कृष्णा ओझा, निवासी दहीगोड़ा (घाटशिला) भी शामिल है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
डिजिटल ट्रांजेक्शन से मिले अहम सुराग
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान गूगल पे ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल लेन-देन के प्रमाण जुटाए। इसके आधार पर दोनों को विधिसम्मत तरीके से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- विकाश बारिक (20 वर्ष), निवासी खेरखनी, बांकीशोल, थाना डुमरिया।
- अजय कुमार नायक उर्फ सोनू नायक (31 वर्ष), निवासी खेरखनी, बांकीशोल, थाना डुमरिया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से—
- दो स्मार्टफोन
- एसबीआई एटीएम कार्ड
- बैंकिंग आईडी कार्ड
- बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- गूगल पे ट्रांजेक्शन का विवरण
सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
डुमरिया थाना कांड संख्या 11/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट 2008 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी कृष्णा ओझा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। मामले की जांच अभी जारी है।












