
- सरिया प्रखंड मुख्यालय के पास बढ़ता जनाक्रोश
CRIME: मंदरामो पश्चिम पंचायत के मुखिया पर हत्या का आरोप लगने के बाद पिछले छह महीनों से उनके फरार रहने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय सरिया के समीप अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, जो आज दूसरे दिन भी जारी है। इस धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं और लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी पहले ही प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अनुमंडल के सभी संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन के माध्यम से दी जा चुकी थी। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल आश्वासन देकर मामले को टालने का प्रयास किया, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
जनप्रतिनिधियों का मिला समर्थन
धरना प्रदर्शन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी खुलकर भाग लिया है। प्रमुख प्रीति कुमारी, माले के प्रखंड सचिव भोला मंडल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर उपस्थित होकर ग्रामीणों के समर्थन में खड़े नजर आए। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कार्रवाई न होना बेहद चिंताजनक है और यह प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
जनसेवाएं ठप, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
मुखिया के लंबे समय से फरार रहने के कारण पंचायत स्तर पर होने वाले लगभग सभी जरूरी कार्य प्रभावित हो गए हैं। ग्रामीणों को जाति, जन्म, मृत्यु और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मनरेगा से जुड़े कार्य भी बाधित हो गए हैं, जिससे मजदूर वर्ग की आजीविका पर असर पड़ा है। लोगों का कहना है कि पंचायत की पूरी व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उप मुखिया को कार्यभार देने की मांग
ग्रामीणों ने इस स्थिति के समाधान के लिए प्रशासन के सामने मांग रखी है कि सर्वसम्मति से उप मुखिया को मुखिया का कार्यभार सौंप दिया जाए। उनका मानना है कि इससे पंचायत के लंबित कार्यों को फिर से गति मिल सकेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक समस्याएं जस की तस बनी रहेंगी।
मंदरामो पश्चिम पंचायत का यह मामला अब केवल एक फरार मुखिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार दूसरे दिन चल रहा यह धरना इस बात का संकेत है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद के समाधान की दिशा तय करेगी।










































