
Crime Dhanbad: झारखंड के धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान से जुड़े नेटवर्क पर पुलिस और जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में अब एक डॉक्टर और एक व्यवसायी पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाई, जिसके चलते उनके खिलाफ टेरर फंडिंग (आतंकी वित्तपोषण) के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि धनबाद के एक डॉक्टर और एक कारोबारी ने गैंगस्टर प्रिंस खान को पैसों और संसाधनों के जरिए मदद की। यह मदद सीधे या परोक्ष रूप से गैंग की आपराधिक गतिविधियों को बढ़ाने में इस्तेमाल हुई।
बताया जा रहा है कि इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने गैंग के सदस्यों को संरक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई, जिससे गैंग की पकड़ मजबूत होती गई।
टेरर फंडिंग के तहत कार्रवाई क्यों?
जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रिंस खान का नेटवर्क केवल रंगदारी या अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा संगठित अपराध और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक फैला हुआ है।
- इसी वजह से अब इस मामले को सिर्फ आपराधिक नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़ा मामला माना जा रहा है
- इसलिए डॉक्टर और व्यवसायी के खिलाफ यूएपीए या टेरर फंडिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने की तैयारी है
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
धनबाद पुलिस पहले ही प्रिंस खान गैंग के कई गुर्गों को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश जारी है। हाल के दिनों में पुलिस ने गैंग के कई सदस्यों को पकड़कर रंगदारी और फायरिंग मामलों में कार्रवाई की है।
इसके अलावा, लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी से इस गैंग की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगाने का दावा किया जा रहा है।
कैसे काम करता था नेटवर्क?
जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान का नेटवर्क—
- स्थानीय व्यवसायियों से रंगदारी वसूलता था
- बाहर से फोन कॉल और ऑनलाइन माध्यम से धमकी देता था
- और अपने सहयोगियों के जरिए धन इकट्ठा करता था
अब इसी फंडिंग चैन को तोड़ने के लिए पुलिस फाइनेंशियल ट्रेल (पैसों का रास्ता) खंगाल रही है।
धनबाद में यह मामला सिर्फ एक गैंग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय स्तर पर कुछ लोग अपराधी नेटवर्क को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टर और व्यवसायी पर लगे आरोप इस बात का संकेत हैं कि अब जांच एजेंसियां “फंडिंग नेटवर्क” पर सीधा वार कर रही हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।















