
चक्रधरपुर (जय कुमार): चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत नलिता पंचायत के कायदा-जुगीडीह गांव में पारंपरिक छऊ नृत्य सह प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. विजय सिंह गागराई उपस्थित रहे। इस अवसर पर मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल छात्र-छात्राओं के साथ-साथ रेलवे, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा युवाओं से कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है। यह केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और पूर्वजों की धरोहर है।
नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और उसे संरक्षित रखने के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर होना आवश्यक है। छऊ नृत्य के माध्यम से हमारी लोक कला को नई पहचान मिलती है तथा युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है।समारोह में मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा में सफल छात्र-छात्राओं नागी गागराई, सरस्वती गागराई, नीलाम कुमारी गागराई, सुनिल सामाड, बेलमती सामाड, गुरुचरण लोहार, निशा सामाड, रानी सामाड, कुमारी गागराई, मनीषा सामाड, सुमित गागराई तथा श्रुति गागराई को सम्मानित किया गया। इसके अलावा रेलवे, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में चयनित युवाओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कार्यक्रम में टोकलो मंडल अध्यक्ष कांडे पाड़ेया, मंडल के पूर्व महामंत्री सूर्यनारायण प्रधान, रामराय सामाड, मांगूराम सामाड, कार्तिक डांगिल, मुखिया महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रविन्द्र नाथ गागराई (अध्यक्ष), प्रधान डांगित (उपाध्यक्ष), कांतो मिर्धा (सचिव), डुबराज हेम्ब्रम (उपसचिव), मदन तांती (कोषाध्यक्ष), लुबराम सामाड (उप कोषाध्यक्ष), मंगल केराई, हरिश सामाड, सुखनाथ सामाड, सुनिल सामाड, विनोद गागराई, सुमर सिंह सामाड, जगदीश सामाड, रूईदास सामाड, सुगना सामाड, जीवन गागराई, लिबुमन गागराई, जोलेन गागराई एवं मार्टिन गागराई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












