📰 Share Local News

Be the voice of your city! Send text, photos & videos directly to our newsroom.

मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

इंदिरा नगर और कल्याण नगर के 150 मकान तोड़े जाने का मामला।

On: July 18, 2024 7:50 PM
Follow Us:
नगर

जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक श्री सरयू राय ने इंदिरा नगर और कल्याण नगर के 150 घरों को टूटने से बचाने के लिए विभिन्न दलों से राजनीतिक रोटी न सेंकने की अपील की है। उन्होंने इंदिरा नगर और कल्याण नगर को राजनीतिक पर्यटन स्थल न बनाने की भी अपील की। सरयू राय ने कहा कि अगर सभी दलों को इन 150 घरों को टूटने से बचाने की चिंता है तो उन्हें एक मंच पर आना चाहिए। उन्हें एक नागरिक समिति बनाने की पहल करनी चाहिए।

यह भी पढ़े :150 घरों को तोड़ने के संबंध में विधायक श्री सरयू राय का वक्तव्य।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

श्री राय ने कहा कि जब सभी का मकसद एक है, जब सभी इन 150 घरों को टूटने से बचाना चाहते हैं तो अपनी डफली, अपना राग नहीं चलेगा। सभी को एक मंच पर आना होगा। वह गुरुवार को इस चुनौतीपूर्ण कार्य के संबंध में पहल करेंगे।बुधवार को यहां फेसबुक लाइव में श्री राय ने कहा कि जो दल सत्ता में हैं, वो मुख्यमंत्री से कहवा कर एनजीटी को दिये जाने वाले हलफनामे (एपीडेविट) में यह लिखवा दें कि कोई घर नहीं टूटेगा। अगर ऐसा हो जाता है तो इससे बेहतर क्या होगा।

अगर ऐसा नहीं होता तो राजनीतिक बयानबाजी छोड़ कर लोगों को एक मंच पर आना ही चाहिए। जनहित के मामलों में कोई राजनीतिक हित नहीं देखा जाना चाहिए।श्री राय ने कहा कि 150 घरों को टूटने से बचाने के लिए हर पार्टी के लोग इंदिरा नगर और कल्याण नगर जा रहे हैं और लोगों से कह रहे हैं कि वे एक भी घर को टूटने नहीं देंगे। कई नेता उपायुक्त से मिल रहे हैं तो कुछ लोग मंत्री से मिल रहे हैं। इन्हें दरअसल यह समझना होगा कि मामला क्या है।

उन्होंने बताया कि यह मामला न तो मंत्री स्तर का है और न ही उपायुक्त के स्तर का। यह मामला एनजीटी का है जो सुप्रीम कोर्ट के समतुल्य है। जो भी होना है, वह एनजीटी के माध्यम से ही होना है। एनजीटी ने झारखंड के मुख्य सचिव को एक एफिडेविट फाइल करने को कहा है जिसमें इस बात का उल्लेख होना चाहिए कि पूरा मामला क्या है और राज्य सरकार इसमें क्या चाहती है? राज्य के मुख्य सचिव ने विगत 15 जुलाई को इस संबंध में एक बैठक की है और उस बैठक से किसी किस्म की रियायत की उम्मीद नहीं दिखी।सरयू राय ने फेसबुक लाइव में कहा कि उन्होंने एक सकारात्मक प्रयास करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय उपाध्याय से इस संबंध में बात की।

उन्होंने (संजय उपाध्याय ने) श्री राय से कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे और कोई फीस भी नहीं लेंगे। श्री राय ने कहा कि अब बयानबाजी का दौर खत्म हुआ। जो होना है, वह कानून के तहत होना है। कोर्ट में लोगों की बात रखने के लिए संजय जी तैयार हुए हैं।श्री राय ने कहा कि जब तक हमें विषय की संपूर्णता का पता न हो तो उसके समाधान की संभावना बेहद कम होती है। इसलिए, पहले विषय की संपूर्णता के बारे में लोगों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।सरयू राय ने कहा कि इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

12 जुलाई से अब तक सभी दलों के नेता इंदिरा नगर और कल्याण नगर गए और लोगों को गुमराह ही किया कि वे एक भी मकान को टूटने नहीं देंगे। यह सब राजनीतिक गप्पबाजी है। इसका समाधान एनजीटी में ही संभव है। एनजीटी में हर दल के बड़े नेता वकीलों को भेजें, जिरह करने को बोलें, तभी कुछ संभव है। बयानबाजी से इस समस्या का हल निकलने से रहा।श्री राय ने कहा कि अगर जमशेदपुर के सांसद वाकई एक भी घर नहीं टूटने देना चाहते तो वह इस मामले को लोकसभा में संजीदगी के साथ उठाएं।

यह भी पढ़े :कांग्रेस भूईंयाडीह के 150 घरों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध डॉ. अजय कुमार।

वह स्वयं 26 से 30 जुलाई तक चलने वाले विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरी संजीदगी से उठाएंगे। 23 अगस्त को इस मामले की सुनवाई एनजीटी में होनी है। सरयू राय ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विधानसभा चुनावों के पहले एक भी घर तोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने आशंका जताय़ी कि विधानसभा चुनावों के बाद ऐसे एक भी नेता उस क्षेत्र में नहीं दिखेंगे, जो आज वहां दिख रहे हैं। नारा लगाने, तख्ती लहराने और राजनीतिक बयान देने से तो कल्याण नगर और इंदिरा नगर के लोगों का कल्याण होने से रहा।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Leave a Comment