
झारखंड: के सरिया प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को Bjp द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन ने क्षेत्रीय राजनीति को गर्मा दिया। बिजली संकट, पेयजल की समस्या, किसानों को मुआवजा नहीं मिलने और जमीन म्यूटेशन में हो रही देरी जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम के तहत सरिया में भी बड़ी संख्या में Bjp नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।

धरना स्थल पर Bjp कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन देने तक सीमित है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पानी की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने सरकार पर उठाए सवाल
धरना कार्यक्रम में Bjp नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती हो रही है। कई गांवों में घंटों तक बिजली गायब रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में बिजली संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे व्यापारियों का कामकाज ठप हो रहा है और किसानों को सिंचाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति का वादा किया था, लेकिन आज भी लोग अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने मांग की कि जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
पेयजल संकट बना बड़ी समस्या ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
धरना प्रदर्शन में पेयजल संकट भी प्रमुख मुद्दा बना रहा। भाजपा नेताओं ने कहा कि कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। सरकारी योजनाओं के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हैंडपंप खराब पड़े हैं और पाइपलाइन योजनाएं अधूरी हैं। गर्मी के मौसम में जल संकट और भी गहरा गया है। महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए घंटों मेहनत करनी पड़ रही है।
Bjp नेताओं ने कहा कि सरकार को तत्काल जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा करनी चाहिए और खराब पड़े जलस्रोतों की मरम्मत करानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेयजल समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
किसानों को फसल क्षति का मुआवजा नहीं मिलने पर भाजपा का हमला
धरना कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को लेकर भी Bjp ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने कहा कि हाल ही में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, लेकिन अब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी सिर्फ सर्वे का आश्वासन देते हैं, लेकिन राहत राशि समय पर नहीं मिलती। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। Bjp नेताओं ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रही है।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
जमीन म्यूटेशन में देरी से परेशान ग्रामीण
धरना प्रदर्शन में जमीन म्यूटेशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। Bjp नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रखंड और अंचल कार्यालयों में जमीन संबंधी मामलों का निष्पादन बेहद धीमी गति से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी त्रुटियों का हवाला देकर लोगों के आवेदन वापस कर दिए जाते हैं, जिससे ग्रामीणों और किसानों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मामलों में वर्षों तक म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती।
Bjp कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण आम जनता परेशान है। लोगों को समय पर न्याय और सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग की कि जमीन म्यूटेशन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
थाना और प्रखंड कार्यालयों पर लगाए गंभीर आरोप
धरना कार्यक्रम के दौरान Bjp नेताओं ने थाना और प्रखंड कार्यालयों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती और कई मामलों में लोगों को परेशान किया जाता है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि जनता अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालयों में जाती है, लेकिन वहां समाधान की बजाय सिर्फ टालमटोल किया जाता है। इससे आम लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेगा, तो आने वाले दिनों में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
Bjp नेताओं ने सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Bjp नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली, पानी, किसानों और जमीन संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो भाजपा इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी।
नेताओं ने कहा कि भाजपा हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में Bjp कार्यकर्ता और ग्रामीण रहे मौजूद
इस धरना-प्रदर्शन में बगोदर की जिला परिषद सदस्य रीता माथुर, रजनी कौर, युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष मंडल, सतीश कुमार मंडल, अमरनाथ कुमार सिंह, अनिल शर्मा, नरेश रज्जक, अशोक राणा, बिनोद यादव, निर्मल मंडल, वार्ड पार्षद मंजू देवी, आयुष सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि जनता अब अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगी है और सरकार को जनसमस्याओं का समाधान करना ही होगा।
जनसमस्याओं को लेकर बढ़ रही राजनीतिक गतिविधियां
झारखंड में बिजली, पानी और किसानों के मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं, जबकि आम जनता भी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर मुखर हो रही है।
सरिया में आयोजित भाजपा का यह धरना प्रदर्शन आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। जिस तरह से बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आंदोलन में शामिल हुए, उससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि जनसमस्याओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरिया प्रखंड मुख्यालय में आयोजित Bjp का धरना-प्रदर्शन बिजली, पानी, किसानों और जमीन म्यूटेशन जैसे मुद्दों को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की है। यदि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाती, तो आने वाले समय में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।









