
जमशेदपुर: Birsanagar प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुक्रवार, 19 जून को लंबे इंतजार के बाद लाभुकों को उनके फ्लैटों की चाबी सौंपी जाएगी। इस अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका वर्षों का संघर्ष आखिरकार सफल हुआ है। हालांकि उन्होंने योजना के निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर सवाल भी उठाए और इसे “आधी-अधूरी मानसिकता से बनी योजना” करार दिया।

तीन साल की देरी के बाद मिलेगा अपना आशियाना
सरयू राय ने कहा कि जिन लोगों को आज फ्लैट की चाबी मिलने जा रही है, उन्हें यह आवास कम से कम तीन वर्ष पहले मिल जाना चाहिए था। निर्माण कार्य में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों लाभुकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अपना ही घर पाने के लिए लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आखिरकार लाभार्थियों को उनका अधिकार मिल रहा है, जिसके लिए वे सभी बधाई के पात्र हैं।
शुरुआत से विवादों में रही योजना
विधायक सरयू राय ने कहा कि बिरसानगर पीएम आवास योजना की शुरुआत ही जल्दबाजी और अधूरी तैयारी के साथ की गई थी। वर्ष 2018 में योजना का शिलान्यास तो कर दिया गया, लेकिन जमीन की भौगोलिक स्थिति का सही मूल्यांकन नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर यह परियोजना बनाई गई, उसके एक छोर से दूसरे छोर तक लगभग 30 फीट की ऊंचाई का अंतर था। यदि पहले इस ऊंचाई के अंतर को समतल कर दिया जाता तो यहां एक सुंदर और व्यवस्थित आवासीय परिसर विकसित किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
160 मकानों को तोड़ने का आरोप
सरयू राय ने कहा कि योजना शुरू करते समय यह भी नहीं सोचा गया कि इसके कारण आसपास के लगभग 160 मकान आंशिक या पूरी तरह प्रभावित होंगे। परियोजना के लिए इन मकानों को तोड़ दिया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों के आशियाने उजाड़कर पीएम आवास का निर्माण किया गया और उसी का परिणाम है कि आज भी यह योजना पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो सकी है।
विधायक बनने के बाद दोबारा बनवाए गए मकान
सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2019 में जब वे जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने, तब उन्होंने सबसे पहले उन 160 प्रभावित परिवारों की समस्या को प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से टूटे हुए मकानों का दोबारा निर्माण कराया गया ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह कार्य सामाजिक जिम्मेदारी के तहत किया गया और आज भी वे प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं।
22 ब्लॉकों में से केवल दो ही तैयार
विधायक ने बताया कि बिरसानगर पीएम आवास योजना के तहत कुल 22 ब्लॉकों का निर्माण होना है, लेकिन फिलहाल केवल दो ब्लॉक ही तैयार हो सके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि परियोजना की गति बेहद धीमी रही है।
उन्होंने कहा कि यदि योजना का संचालन सही तरीके से किया जाता तो आज पूरा आवासीय परिसर तैयार होकर लोगों को मिल चुका होता।
फ्लैटों में अभी भी कई कमियां
सरयू राय ने कहा कि जब लाभार्थी अपने नए फ्लैटों में प्रवेश करेंगे, तब उन्हें निर्माण कार्य की कई खामियां देखने को मिलेंगी। उन्होंने बताया कि अभी तक ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं किया गया है और जल-मल निकासी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है।
इसके अलावा भवनों में लगाए गए लिफ्ट फिलहाल केवल शोपीस बने हुए हैं और उनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। कई अन्य बुनियादी सुविधाओं का कार्य भी अधूरा है।
सरकार से अधूरे कार्य जल्द पूरा करने की मांग
सरयू राय ने राज्य सरकार से मांग की कि पीएम आवास योजना के सभी अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले इस परियोजना को पूरी तरह पूर्ण करना चाहिए और उसके बाद ही नई योजनाओं का शिलान्यास करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं भी इस दिशा में लगातार दबाव बनाए रखेंगे ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लाभार्थियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
सरयू राय ने भरोसा दिलाया कि यदि लाभार्थियों को भविष्य में किसी प्रकार की समस्या होती है तो वे निजी स्तर पर भी उनके समाधान के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और वे आगे भी इसी तरह लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
160 मकानों की कहानी बनी रहेगी याद
विधायक ने कहा कि वर्ष 2018 में पीएम आवास निर्माण के लिए जिन 160 मकानों को तोड़ा गया था, उनकी कहानी इस परियोजना के साथ हमेशा जुड़ी रहेगी। हालांकि बाद में उन मकानों का पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन उस दौर की पीड़ा आज भी लोगों के मन में मौजूद है।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को लागू करते समय मानवीय संवेदनाओं और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, ताकि किसी परिवार को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े।
Birsanagar पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के लिए शुक्रवार का दिन खुशी लेकर आया है, क्योंकि वर्षों के इंतजार के बाद उन्हें अपने नए घर की चाबी मिलने जा रही है। वहीं विधायक सरयू राय ने योजना के निर्माण में हुई खामियों और देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे अधूरी योजना बताया है। अब लोगों की उम्मीद है कि शेष कार्य भी जल्द पूरे होंगे और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराया जाएगा।









































