MGM Incident | Jamshedpur : शहर के कीताडीह इलाके का 28 वर्षीय अरशद आलम अब इस दुनिया में नहीं रहा। जिस घर में ईद की खुशियों की तैयारी चल रही थी, वहां अचानक मातम पसर गया। अरशद, जो पिछले 5 दिनों से MGM अस्पताल में भर्ती था, शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे अस्पताल की चौथी मंजिल से कूद गया। यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि अपने पीछे कई दर्दनाक सवाल भी छोड़ गई है।
ईद की रौनक से मातम तक का सफर
परिवार के लोग ईद की तैयारी में जुटे थे। घर में नए कपड़े आए थे, सेवइयां बनाने की बातें हो रही थीं, बच्चे उत्साहित थे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इस बार ईद, खुशियों की जगह आंसू लेकर आएगी। ईद से ठीक एक दिन पहले अरशद का यूं दुनिया छोड़ जाना पूरे परिवार के लिए असहनीय दुख बन गया।
5 दिन से अस्पताल में चल रहा था इलाज
अरशद आलम को 16 मार्च को MGM अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा और ईद सबके साथ मनाएगा। लेकिन अस्पताल के उसी वार्ड से ऐसी खबर आई, जिसने सबकुछ बदल दिया।
मां के सामने टूटी जिंदगी की डोर
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब अरशद ने यह कदम उठाया, उस समय उसकी मां वहीं मौजूद थी। मां ने उसे रोकने की पूरी कोशिश की, हाथ पकड़कर बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह खुद को छुड़ाकर चौथी मंजिल से कूद गया। एक मां के सामने उसका जवान बेटा यूं चला जाए, इससे बड़ा दुख शायद ही कोई हो सकता है। वहां मौजूद हर व्यक्ति इस मंजर को देखकर सन्न रह गया।
बीमारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं
अस्पताल के अंदरखाने से यह भी चर्चा सामने आ रही है कि अरशद गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। कुछ लोग HIV और TB जैसी बीमारी की बात भी कर रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। लेकिन इतना जरूर है कि वह लंबे समय से शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान था।
मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
कीताडीह इलाके में अरशद की मौत की खबर जैसे ही पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। लोग उसे एक हंसमुख और मिलनसार युवक के रूप में याद कर रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि ऐसा कदम उसने क्यों उठाया, यह समझ से परे है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने MGM अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक मरीज इतनी आसानी से चौथी मंजिल तक कैसे पहुंच गया? वार्ड में निगरानी क्यों नहीं थी? क्या मरीजों की मूवमेंट पर कोई नियंत्रण नहीं है?
ये सवाल अब हर किसी के मन में हैं।
पुलिस जांच जारी, जवाब का इंतजार
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह जानने में जुटा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस घटना से कोई सबक लिया जाएगा।
एक अधूरी ईद, जो हमेशा याद रहेगी
इस साल की ईद अरशद के परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गई है। जहां लोग अपने अपनों के साथ खुशियां मनाएंगे, वहीं एक घर ऐसा भी होगा, जहां सिर्फ खामोशी और यादें होंगी।
अल्लाह से दुआ है कि अरशद आलम को जन्नत में जगह मिले और उनके परिवार को इस गहरे दुख को सहने की हिम्मत दे।












