
जबलपुर: बरगी बांध नाव हादसे में मां–बेटे की दर्दनाक मौत, आखिरी पलों में बच्चे को सीने से लगाए मिली मांमध्य प्रदेश के Jabalpur से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। Bargi Dam में हुए नाव हादसे के बाद एक मां और उसके मासूम बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सबसे मार्मिक बात यह रही कि हादसे के बाद जब दोनों के शव मिले, तो मां अपने बच्चे को आखिरी पलों में भी सीने से लगाए हुए थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरगी बांध क्षेत्र में नाव से यात्रा के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। नाव में सवार कई लोग पानी में गिर गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन इस हादसे में मां और बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी में गिरने के बाद मां ने अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की। बताया जा रहा है कि आखिरी क्षणों तक वह अपने बच्चे को मजबूती से सीने से लगाए रही, लेकिन तेज धार और गहराई के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी। जब रेस्क्यू टीम ने दोनों को बाहर निकाला, तो यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो उठा।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नाव में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। लाइफ जैकेट की कमी और ओवरलोडिंग जैसे कारणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
इस हादसे ने एक बार फिर नदी और बांध क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठा लिया जाता है और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी की जाती है, जो ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनती है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नाव संचालन के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
बरगी बांध का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक भावनात्मक त्रासदी बन गया है। मां और बच्चे का यह अंतिम दृश्य मानवता को झकझोर देने वाला है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि लापरवाही की छोटी-सी गलती भी कितनी बड़ी कीमत बन सकती है। अब जरूरी है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।















