
जमशेदपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज मुरली पैरामेडिकल एंड रिसर्च कॉलेज में एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन बड़े उत्साह और सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कॉलेज परिसर में आयोजित इस शिविर में ड्रेसर, डीएमएलटी तथा ओ.टी. विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

शिविर की शुरुआत सूर्य नमस्कार से की गई, जिसके बाद योग के विभिन्न आसनों जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन आदि का अभ्यास कराया गया। साथ ही प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति जैसे श्वास तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य बिंदु:
- ड्रेसर, डीएमएलटी व ओ.टी. के विद्यार्थियों सहित शिक्षक व कर्मियों ने लिया हिस्सा
- सूर्य नमस्कार से आरंभ हुआ शिविर, किए गए विविध योगासन व प्राणायाम
- योग के महत्व को रेखांकित करते हुए दिया गया संदेश – “योग है जीने का ज्ञान, इसके आगे नतमस्तक है विज्ञान”
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इस अवसर पर वक्ताओं ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि –
“योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित करता है। यह एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसे अपनाकर हम रोगमुक्त और शांत जीवन जी सकते हैं।”
शिविर में बताया गया कि योग का जन्म भारत में हुआ और आज यह पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। वैज्ञानिकों और चिकित्सकों ने भी योग के प्रभाव को मान्यता दी है। यही कारण है कि आज भारत को ‘योग गुरु’ के रूप में वैश्विक पहचान मिली है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि योग को सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए, जिससे हम शारीरिक, मानसिक व सामाजिक रूप से स्वस्थ रह सकें।












































