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Manpita में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का ग्रामीणों ने किया विरोध

On: August 30, 2026 8:01 PM
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जमशेदपुर: जमशेदपुर के हुरलुंग पंचायत अंतर्गत Manpita गांव में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज होता जा रहा है। रविवार को ग्रामीणों ने गांव में ग्रामसभा आयोजित कर प्रस्तावित परियोजना के निर्माण कार्य का विरोध किया। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की और स्पष्ट किया कि ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी परिस्थिति में परियोजना का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

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ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी परियोजना से जुड़े निर्णय में स्थानीय लोगों और ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में ग्रामसभा की सहमति लिए बिना निर्माण कार्य शुरू किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

बिना ग्रामसभा की अनुमति निर्माण शुरू करने का आरोप

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त 2026 से मनपीटा में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले ग्रामसभा की अनुमति अथवा सहमति नहीं ली गई।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब स्थानीय ग्रामसभा से सहमति नहीं ली गई, तो निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने का आधार क्या है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।

पेसा कानून के प्रावधानों का पालन कराने की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि मनपीटा क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय और ग्रामसभा के अधिकारों को विशेष महत्व प्राप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना का निर्माण शुरू करने से पहले ग्रामसभा की सहमति नहीं लेकर पेसा कानून के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय लोगों की राय और ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर संवाद और सहमति की प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।

वर्ष 2023 में भी हुआ था परियोजना का विरोध

ग्रामीणों के अनुसार, हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण का विरोध पहले भी किया जा चुका है। उनका दावा है कि वर्ष 2023 में भी मनपीटा गांव के ग्रामीणों ने इस परियोजना का विरोध किया था।

उस समय ग्रामीणों के विरोध के बाद निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन उपायुक्त की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उक्त स्थान पर हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण नहीं कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने कहा कि पुराने आश्वासन के बावजूद अब उसी क्षेत्र में दोबारा निर्माण कार्य शुरू किए जाने से उनकी नाराजगी बढ़ गई है।

पुराने आश्वासन के बावजूद निर्माण शुरू होने से नाराजगी

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2023 में आंदोलन और विरोध के बाद उन्हें प्रशासन की ओर से जो आश्वासन मिला था, उसके बाद उन्होंने मामले में भरोसा रखा था। लेकिन अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से पहले ही यह आश्वासन दिया गया था कि संबंधित स्थान पर निर्माण नहीं कराया जाएगा, तो अब निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले ग्रामीणों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था।

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता

रविवार को आयोजित ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। बैठक में परियोजना को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीति पर विचार किया गया।

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कहा कि ग्रामसभा की सहमति के बिना निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि क्षेत्र में किसी भी परियोजना को नियमों और स्थानीय अधिकारों का सम्मान करते हुए लागू किया जाए।

जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह पता लगाने की मांग की कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया और क्या ग्रामसभा की सहमति ली गई थी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है, ताकि मामले का समाधान होने तक किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान करने की अपील

ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ग्रामसभा की भूमिका और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के कारण यहां स्थानीय समुदाय की भागीदारी और अधिकारों को लेकर विशेष संवेदनशीलता आवश्यक है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों की बात सुनी जाए और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना की सफलता के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। यदि किसी क्षेत्र में बड़ी परियोजना स्थापित की जानी है तो वहां रहने वाले लोगों की चिंताओं और सुझावों को समझना आवश्यक है।

ग्रामीणों का कहना है कि संवाद और सहमति के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके विपरीत यदि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना काम शुरू किया जाता है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

निर्माण कार्य को लेकर प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए। उनका सवाल है कि वर्ष 2023 में निर्माण स्थगित होने और आश्वासन दिए जाने के बाद अब किस निर्णय के आधार पर परियोजना का काम फिर शुरू किया गया।

उन्होंने निर्माण की अनुमति, संबंधित विभागों की स्वीकृति और ग्रामसभा से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे की लड़ाई लड़ेंगे। यदि जिला प्रशासन की ओर से उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है और निर्माण कार्य जारी रहता है, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिक मांग निर्माण कार्य पर तत्काल रोक और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच है। इसके बाद ग्रामसभा के अधिकारों और पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन के सामने कई सवाल

मनपीटा में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों के विरोध ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का मुख्य सवाल यह है कि जब पहले परियोजना को लेकर विरोध हो चुका था और निर्माण कार्य स्थगित किया गया था, तो अब दोबारा काम शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया।

इसके अलावा ग्रामसभा की सहमति, पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों और पेसा कानून के अनुपालन को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

समाधान के लिए संवाद की जरूरत

वर्तमान स्थिति को देखते हुए परियोजना को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद जरूरी माना जा रहा है। यदि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से ग्रामीणों की आपत्तियों को सुना जाए और कानूनी प्रावधानों की स्थिति स्पष्ट की जाए, तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के सामने रख रहे हैं और चाहते हैं कि उनके अधिकारों तथा ग्रामसभा की भूमिका का सम्मान किया जाए।

ग्रामसभा ने दोहराया अपना निर्णय

रविवार को हुई ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया और निर्माण कार्य रोकने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक ग्रामसभा की सहमति और पूरे मामले की स्पष्टता नहीं होती, तब तक निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

आगे प्रशासन की कार्रवाई पर रहेगी नजर

Manpita में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य पर रोक और ग्रामसभा के अधिकारों के संरक्षण की मांग रखी है।

यदि प्रशासन ग्रामीणों के साथ बातचीत कर उनकी आपत्तियों का समाधान करता है तो विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है। वहीं, मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ग्रामीणों ने लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी है।

फिलहाल मनपीटा में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का मामला ग्रामसभा के विरोध के कारण चर्चा में है। ग्रामीण अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के पालन की मांग पर अड़े हुए हैं।

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