जमशेदपुर। जुलूस-ए-मोहम्मदी के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन को लेकर आजादनगर थाना परिसर में उलेमा एवं गणमान्य लोगों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार ने की। इस दौरान जुलूस के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अनुशासन और आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अहले सुन्नत जमात के मुफ्ती जियाउल मुस्तफा ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से जुलूस में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग निर्धारित समय पर आम बागान मैदान पहुंचें और जुलूस के दौरान तय किए गए अनुशासन एवं व्यवस्था का पालन करें। उन्होंने तंजीम के बैनर, उलमा-ए-किराम और विभिन्न अंजुमनों के निर्धारित क्रम को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
केवल राष्ट्रीय और इस्लामिक झंडा रखने की अपील
बैठक में झंडों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि जुलूस में केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज और इस्लामिक झंडा ही लहराया जाएगा। इनके अलावा किसी अन्य प्रकार के झंडे को जुलूस में लाने या लहराने से परहेज करने की अपील की गई। साथ ही जुलूस में किसी भी प्रकार का हथियार लेकर नहीं चलने, मोटरसाइकिल से स्टंट नहीं करने तथा वाहनों को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा करने की अपील की गई। आयोजकों और प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।
घरों और धार्मिक स्थलों को सजाने की अपील
बैठक में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर घरों, मदरसों और मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाने तथा खुशी का इजहार करने की भी अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन अमन, शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द के संदेश के साथ किया जाए। बैठक में नूरानी मस्जिद के इमाम राजाउद्दीन, सगीर आलम फैजी, इमाम आफताब कादरी, ताहिर हुसैन, मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, मुख्तार आलम खान समेत कई उलेमा एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सभी से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जुलूस को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफल बनाने की अपील की गई।













