जमशेदपुर: Shrinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन और श्रीनाथ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 19 एवं 20 अगस्त 2026 को दो दिवसीय “श्रीनाथ श्रावणी संगम-7, 2026” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। सावन मास की परंपराओं, संस्कृति, कला और उमंग को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस महोत्सव में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे दो दिनों तक श्रीनाथ कैंपस संगीत, रंगों, पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत नजर आया।
सावन की संस्कृति और परंपरा का दिखा सुंदर संगम
श्रीनाथ श्रावणी संगम-7 का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और सावन से जुड़ी परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य, कविता, मेहंदी, रैंप वॉक सहित कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और दर्शकों का मन मोह लिया।
विशिष्ट अतिथियों और निर्णायकों की रही उपस्थिति
Shrinath श्रावणी संगम-7 में कई विशिष्ट अतिथियों एवं निर्णायकों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इनमें डॉ. रम्यता प्रफुल्ल (मिसेज इंडिया एशिया पैसिफिक), डॉ. तनुश्री बोस (ब्रांड एंबेसडर, आदित्यपुर नगर निगम), सुश्री पूनम महानंद (संस्थापक, ‘निनाद’), मिष्टू मुखर्जी (को-फाउंडर, डानफिट इंटरनेशनल), डॉ. सुमन कुमारी (सहायक प्राध्यापक, इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन) तथा लाइव परफॉर्मर आकाश मूर्ति प्रमुख रूप से शामिल रहे।
विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई।
डॉ. रम्यता प्रफुल्ल ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रम्यता प्रफुल्ल ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा और विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी अन्य प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी तरह विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. तनुश्री बोस ने की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना
डॉ. तनुश्री बोस ने विद्यार्थियों की मेहनत और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी कला के प्रदर्शन के लिए काफी मेहनत की है। निर्णायक के रूप में उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे इसी तरह मेहनत करते रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर प्रयास से विद्यार्थी भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
पूनम महानंद ने विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित
सुश्री पूनम महानंद ने भी कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी बहुत अच्छा कर रहे हैं और उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहना चाहिए। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रंग-बिरंगी प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
दो दिवसीय श्रावणी संगम में कई आकर्षक और रंग-बिरंगी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें ‘मेहंदी रंग लाई’, ‘रेशम की डोर’, ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’, ‘नाचे मन मोरा’, ‘श्रावणी काव्यांजलि’, ‘रैंप वॉक’ तथा ‘मिस्टर एंड मिस सावन’ जैसी प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं।
इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। किसी ने अपनी मेहंदी कला से लोगों का ध्यान आकर्षित किया, तो किसी ने नृत्य और कविता के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने रैंप वॉक के दौरान भी शानदार प्रस्तुति दी।
पारंपरिक वेशभूषा और कला ने मोहा मन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की पारंपरिक वेशभूषा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सावन की थीम के अनुरूप रंग-बिरंगे परिधानों में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को मंच पर प्रस्तुत किया।
संगीत, नृत्य, कविता और पारंपरिक परिधानों के बीच पूरा कैंपस उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
मिस्टर सावन और मिस सावन का हुआ चयन
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपना स्थान सुरक्षित किया। कार्यक्रम के आकर्षक मुकाबले ‘मिस्टर एंड मिस सावन’ में श्वेत कुमार भगत को मिस्टर सावन और पापिया दास को मिस सावन चुना गया।
दोनों विजेताओं को उनकी शानदार प्रस्तुति और प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया। उनके चयन पर साथी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका उत्साह बढ़ाया।
विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में रहा महत्वपूर्ण योगदान
Shrinath श्रावणी संगम केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और संस्कृति को समझने एवं उन्हें करीब से जानने का अवसर मिला।
इसके साथ ही विद्यार्थियों में रचनात्मकता, टीम वर्क, संवाद कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण गुणों को विकसित करने में भी कार्यक्रम सहायक सिद्ध हुआ।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
दो दिनों तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों के साथ-साथ सहायक प्राध्यापकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान कैंपस में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। विद्यार्थियों ने न केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, बल्कि एक-दूसरे का उत्साह भी बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से प्रतिभाओं को मिला मंच
श्रीनाथ श्रावणी संगम-7 के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर मिला। कई विद्यार्थियों ने पहली बार बड़े मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में मंच पर बोलने और प्रस्तुति देने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का संतुलन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्रावणी संगम इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाला एक सफल प्रयास रहा।
पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
दो दिवसीय श्रीनाथ श्रावणी संगम-7, 2026 का समापन पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों, अतिथियों, शिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को और मजबूत किया।
Shrinath श्रावणी संगम-7, 2026 सावन की संस्कृति, भारतीय परंपरा और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर संगम साबित हुआ। दो दिनों तक चले इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और कला प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर दिया। विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।















