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शहीद Khudiram बोस के बलिदान दिवस पर मानगो में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा

On: August 12, 2026 5:06 PM
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जमशेदपुर: महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद Khudiram बोस के बलिदान दिवस के अवसर पर मंगलवार को मानगो चौक स्थित शहीद खुदीराम बोस चौक पर मानगो बांग्लाभाषी एकता मंच के तत्वावधान में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में मानगोवासियों ने शामिल होकर अमर शहीद खुदीराम बोस को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

शहीद Khudiram बोस को अर्पित की गई श्रद्धांजलि

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श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद खुदीराम बोस को पुष्प अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। कार्यक्रम का माहौल देशभक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। वक्ताओं ने कहा कि खुदीराम बोस का जीवन त्याग, साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि शहीद खुदीराम बोस किसी एक समाज, वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश के गौरव हैं। बेहद कम उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इस महान क्रांतिकारी की गाथा आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है।

युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा रहेंगे खुदीराम बोस

सभा को संबोधित करते हुए एस. एन. पाल ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस का जीवन यह संदेश देता है कि देश और समाज के लिए समर्पण करने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को खुदीराम बोस के जीवन, संघर्ष, साहस और देशभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस केवल इतिहास की किताबों में दर्ज एक नाम नहीं हैं, बल्कि उनका व्यक्तित्व आज भी युवाओं के भीतर देशभक्ति और संघर्ष की भावना को मजबूत करता है।

बलिदान की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान

एस. एन. पाल ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस के बलिदान को याद करना और उनकी स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारियों के जीवन और संघर्ष के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी देश के लिए किए गए बलिदानों को समझ सके।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। ऐसे महान सेनानियों के आदर्शों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है।

मानगो फ्लाईओवर का नाम Khudiram बोस के नाम पर रखने की मांग

श्रद्धांजलि सभा के दौरान मानगो बांग्लाभाषी एकता मंच की ओर से मानगो में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का नाम “शहीद खुदीराम बोस फ्लाईओवर” रखने की मांग दोहराई गई।

एस. एन. पाल ने बताया कि मंच द्वारा शासन एवं प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का नाम अमर शहीद खुदीराम बोस के नाम पर रखने की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि मानगो क्षेत्र में खुदीराम बोस की स्मृति लोगों के बीच लंबे समय से जुड़ी हुई है। ऐसे में यहां बनने वाले फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर रखा जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

नामकरण से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

प्रकाश मुखर्जी ने कहा कि मानगो में शहीद खुदीराम बोस की स्मृति लोगों के दिलों में बसी हुई है। यदि निर्माणाधीन फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर रखा जाता है तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगा।

उन्होंने कहा कि रोजाना हजारों लोग फ्लाईओवर से गुजरेंगे और शहीद खुदीराम बोस का नाम उनके सामने आएगा। इससे युवा पीढ़ी उनके जीवन और बलिदान के बारे में जानने के लिए प्रेरित होगी तथा स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से उनका जुड़ाव मजबूत होगा।

प्रतिमा पुन स्थापित करने की दिशा में प्रयास

बापन घोष ने कहा कि मानगो फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहीद खुदीराम बोस चौक पर उनकी प्रतिमा को पुनः स्थापित किए जाने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चौक पर शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा की पुनः स्थापना से इस स्थान की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भी उनके बलिदान और देशभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी।

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शहीदों की स्मृति को जीवित रखना समाज की जिम्मेदारी

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवित रखना केवल सरकार या किसी संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

शहीदों के स्मारकों, प्रतिमाओं और उनके नाम से जुड़े स्थानों को संरक्षित रखना आवश्यक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और बलिदानों की जानकारी मिलती है।

बड़ी संख्या में समाजसेवी और मानगोवासी हुए शामिल

श्रद्धांजलि सभा में एस. एन. पाल, जहर रक्षित, प्रकाश मुखर्जी, बापन घोष, सोमनाथ घोष सहित अनेक समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मानगोवासी उपस्थित रहे।

सभी ने शहीद खुदीराम बोस के चित्र एवं स्मृति स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

राष्ट्रभक्ति और एकता का दिया संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने समाज में राष्ट्रभक्ति, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में युवाओं को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों से परिचित कराना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस का साहस और त्याग युवाओं को यह प्रेरणा देता है कि देश और समाज के हित में निस्वार्थ भाव से कार्य किया जाना चाहिए।

Khudiram बोस के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अमर शहीद खुदीराम बोस के आदर्शों, साहस और राष्ट्रभक्ति को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। साथ ही उनकी स्मृति को सम्मानपूर्वक जीवित रखने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान की गाथा से परिचित कराने का आह्वान किया गया।

श्रद्धांजलि सभा के समापन पर उपस्थित लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ अमर शहीद को नमन किया।

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