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ISI हैंडलर के इशारे पर Jantar-मंतर में मिली मदद? पंजाब पुलिस के दावे से मचा हड़कंप 4 नाबालिग समेत 9 गिरफ्तार

On: August 5, 2026 8:26 PM
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दिल्ली: Jantar-मंतर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक मामले में चर्चा का विषय बन गया है। इस बार मामला किसी प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधि का नहीं, बल्कि पंजाब पुलिस द्वारा किए गए एक बड़े दावे का है। अमृतसर पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों को दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर मदद उपलब्ध कराई गई थी।

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पुलिस के अनुसार, आरोपियों को कथित तौर पर पेट्रोल बम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी अपने कथित मंसूबों को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

अमृतसर पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान स्थित एक कथित ISI हैंडलर के निर्देश पर भारत में सक्रिय कुछ लोगों ने आरोपियों को सहायता पहुंचाई। पुलिस का दावा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में उन्हें कथित तौर पर पेट्रोल बम बनाने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया।

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसका दायरा कितना बड़ा था।

दो कथित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ISI समर्थित दो कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें—

  • 4 नाबालिग
  • 5 वयस्क

शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनसे मिले इनपुट के आधार पर आगे की जांच जारी है।

जंतर-मंतर कनेक्शन जांच का अहम हिस्सा

पुलिस का कहना है कि इस मामले में जंतर-मंतर कनेक्शन सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक बनकर सामने आया है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि—

  • आरोपियों की दिल्ली यात्रा कब हुई,
  • उनकी मुलाकात किन लोगों से हुई,
  • उन्हें किसने सहायता उपलब्ध कराई,
  • और क्या इस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्य भी देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं।

इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

पेट्रोल बम बनाने के लिए सामग्री उपलब्ध कराने का आरोप

पंजाब पुलिस का दावा है कि आरोपियों को कथित तौर पर पेट्रोल बम तैयार करने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया था।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि बरामद सामग्री क्या-क्या थी और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था। इस संबंध में जांच अभी जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।

ISI हैंडलर की भूमिका की जांच

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू पाकिस्तान स्थित कथित ISI हैंडलर की भूमिका भी है।

पुलिस का दावा है कि पूरे मॉड्यूल को निर्देश विदेश से दिए जा रहे थे। अब जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, चैट रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित संपर्क कैसे स्थापित किया गया और निर्देश किस माध्यम से दिए गए।

इन दावों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं व्यापक जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुटी हुई हैं।

जांच के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—

  • कथित मॉड्यूल का नेटवर्क कितना बड़ा था।
  • आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे।
  • क्या देश के अन्य राज्यों से भी इस मामले का कोई संबंध है।
  • आरोपियों को वित्तीय या अन्य प्रकार की सहायता कहां से मिल रही थी।
  • डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच।

सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब सरकार आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत समय रहते कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे किसी संभावित घटना को रोका जा सका। हालांकि, आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब अभी बाकी

हालांकि पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है, लेकिन मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी सामने आना बाकी हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि—

  • कथित नेटवर्क कब से सक्रिय था।
  • दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में इसकी कोई गतिविधि थी या नहीं।
  • आरोपियों का अंतिम उद्देश्य क्या था।
  • और क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

पंजाब पुलिस द्वारा ISI समर्थित दो कथित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने और 4 नाबालिगों सहित 9 लोगों की गिरफ्तारी का दावा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कथित तौर पर दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में स्थानीय मदद उपलब्ध कराई गई थी और वे अपने कथित मंसूबों को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिए गए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस के दावों की पुष्टि आगे की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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