जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर–1 स्थित Water टंकी पंप हाउस परिसर में वर्षों से जमा गंदगी, झाड़-झंखाड़ और जहरीले जीव-जंतुओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने अपने निजी खर्च से व्यापक सफाई अभियान की शुरुआत कर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस परिसर की सफाई शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इस जनहितकारी पहल की जमकर सराहना करते हुए झरना मिश्रा का आभार व्यक्त किया है।
वर्षों से गंदगी और झाड़ियों से घिरा था पंप हाउस परिसर
बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर–1 स्थित Water टंकी पंप हाउस पूरे इलाके के लिए एक महत्वपूर्ण जलापूर्ति केंद्र है। लेकिन पिछले कई वर्षों से परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण यहां घनी झाड़ियां, छोटे-बड़े पेड़ और कचरे का अंबार लग गया था। धीरे-धीरे यह स्थान जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा था।
परिसर में फैली अव्यवस्था के कारण यहां कार्यरत कर्मचारियों को रोजाना भय के माहौल में काम करना पड़ता था। वहीं आसपास रहने वाले लोगों को भी बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। कई बार स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

झरना मिश्रा ने निजी खर्च से शुरू कराया सफाई अभियान
जब लंबे समय तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने स्वयं आगे बढ़कर इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने निजी खर्च से मजदूर लगाकर पूरे परिसर की सफाई शुरू कराई।
सफाई अभियान के तहत सबसे पहले परिसर में उगी घनी झाड़ियों को हटाया गया। इसके बाद छोटे-बड़े पेड़ों की कटाई कराई गई तथा वर्षों से जमा कचरे को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल परिसर को साफ करना ही नहीं, बल्कि इसे पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया पूरा सहयोग
इस जनहित अभियान में झरना मिश्रा को कई पंचायत प्रतिनिधियों का भी सहयोग मिला। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, वार्ड सदस्य उमेश पांडे, कुमार विशाल तथा पंप हाउस के ऑपरेटर राम सिंह ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

सभी प्रतिनिधियों ने मिलकर सफाई कार्य की निगरानी की और यह सुनिश्चित किया कि परिसर के प्रत्येक हिस्से की अच्छी तरह सफाई हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास से यह अभियान और अधिक प्रभावी बन सका।
कर्मचारियों को मिली राहत
पंप हाउस परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि झाड़ियों के कारण कई बार सांप और बिच्छू दिखाई देते थे, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता था। सफाई अभियान शुरू होने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
उनका कहना है कि अब परिसर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित दिखाई देने लगा है। यदि भविष्य में भी नियमित रूप से सफाई होती रही तो कर्मचारियों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों ने जताया आभार
सफाई अभियान शुरू होने के बाद आसपास के लोगों ने झरना मिश्रा की पहल की खुले दिल से सराहना की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कार्य काफी पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन जब किसी ने ध्यान नहीं दिया तो जनप्रतिनिधि ने स्वयं अपने निजी संसाधनों से आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई।
लोगों ने कहा कि आज के समय में निजी खर्च से सार्वजनिक हित के लिए इस प्रकार कार्य करना समाजसेवा की मिसाल है। इससे अन्य जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं।
स्वच्छता से बढ़ेगी सुरक्षा और स्वास्थ्य
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर नियमित साफ-सफाई केवल सौंदर्य बढ़ाने का कार्य नहीं करती, बल्कि यह स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक होती है। झाड़ियों और कचरे के कारण जहरीले जीव-जंतुओं के पनपने की संभावना बढ़ जाती है।
पंप हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना और भी जरूरी है, क्योंकि यहां प्रतिदिन कर्मचारी और स्थानीय लोग आते-जाते हैं। ऐसे में समय-समय पर सफाई अभियान चलाने से दुर्घटनाओं और बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
लोगों ने नियमित सफाई की उठाई मांग
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि यह अभियान केवल एक बार तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर सफाई कराई जाती रहे। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर झाड़ियों की कटाई और कचरे की सफाई होती रहेगी तो परिसर हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित बना रहेगा।
लोगों ने संबंधित विभाग से भी आग्रह किया कि वह इस महत्वपूर्ण पंप हाउस परिसर के रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
जनसेवा की बनी मिसाल
झरना मिश्रा द्वारा अपने निजी खर्च से शुरू कराया गया यह सफाई अभियान केवल एक सफाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया है। इस पहल से यह संदेश भी गया है कि यदि जनप्रतिनिधि इच्छाशक्ति के साथ आगे आएं तो छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान भी बिना किसी देरी के किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती है और जनता तथा जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास को भी मजबूत बनाती है।
बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर–1 स्थित Water टंकी पंप हाउस परिसर में निजी खर्च से सफाई अभियान शुरू कर पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने जनहित और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। उनके इस प्रयास से वर्षों से उपेक्षित परिसर अब स्वच्छ और सुरक्षित बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने उनकी इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्यों की निरंतरता की उम्मीद जताई है।















